RELIEF Scheme: निर्यातकों को ₹497 करोड़ की राहत कैसे मिलेगी? पात्रता, लाभ और आवेदन की पूरी जानकारी

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया (लाल सागर व खाड़ी क्षेत्र) के समुद्री व्यापार मार्ग में आई गंभीर बाधाओं के कारण भारतीय निर्यातकों को अप्रत्याशित फ्रेट दरों, युद्ध जोखिम अधिभार (War Risk Surcharges) और बढ़े हुए बीमा प्रीमियम का सामना करना पड़ा है। इस संकट से भारतीय निर्यात और विशेष रूप से छोटे कारोबारियों को सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने ₹497 करोड़ की ‘रिलीफ योजना’ (RELIEF Scheme – Resilience & Logistics Intervention for Export Facilitation) लागू की है।

यह योजना सरकार के निर्यात प्रोत्साहन मिशन (Export Promotion Mission – EPM) के अंतर्गत संचालित है। इसका उद्देश्य निर्यातकों के वित्तीय जोखिम को कम करना और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारतीय सामानों की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना है। आइए जानते हैं इस योजना के 3 प्रमुख घटक, अद्यतन नियम, पात्र देश और ECGC पोर्टल के जरिए क्लेम करने की पूरी प्रक्रिया।

RELIEF Scheme का Latest Update

  • पात्र गंतव्यों का विस्तार: सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए हाल ही में मिस्र (Egypt) और जॉर्डन (Jordan) को भी पात्र गंतव्य देशों (Eligible Destinations) की आधिकारिक सूची में शामिल कर दिया है। अब कुल पात्र देशों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
  • पॉलिसी सर्कुलर स्पष्टीकरण: आधिकारिक पॉलिसी सर्कुलर के अनुसार यह स्पष्ट किया गया है कि जिन निर्यातकों ने 16 मार्च 2026 या उसके बाद नई ECGC Whole Turnover Policy ली है, वे भी निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन Component II के तहत वित्तीय सहायता के पात्र हो सकते हैं।

RELIEF Scheme क्या है?

RELIEF का विस्तृत रूप Resilience & Logistics Intervention for Export Facilitation है। यह योजना पश्चिम एशिया और लाल सागर क्षेत्र में उत्पन्न संकट के कारण प्रभावित शिपमेंट्स पर पड़े अतिरिक्त वित्तीय भार को कम करने के लिए तैयार की गई है।

इस योजना की नोडल और क्रियान्वयन एजेंसी एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (ECGC Limited) है, जो पात्रता सत्यापन, क्लेम प्रोसेसिंग और वित्तीय सहायता के वितरण का कार्य संभालती है।

Quick Information Table

मुख्य विवरणआधिकारिक जानकारी
योजना का नामRELIEF (Resilience & Logistics Intervention for Export Facilitation)
नोडल व कार्यान्वयन एजेंसीECGC Limited
मंत्रालयवाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार
कुल स्वीकृत बजट₹497 करोड़
मिशन का नामएक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (EPM)
मुख्य लाभार्थीभारतीय निर्यातक एवं गैर-बीमित MSME इकाइयां
क्लेम फाइलिंग मोडECGC Customer Portal (ऑनलाइन)

₹497 करोड़ का 3-स्तरीय ढांचा (3 Components)

सरकार ने संकट की प्रकृति और निर्यातकों की श्रेणी के आधार पर पूरे बजट को 3 अलग-अलग घटकों (Components) में विभाजित किया है:

                  ┌──────────────────────────────────────────────┐
                  │          RELIEF Scheme (₹497 करोड़)          │
                  └──────────────────────┬───────────────────────┘
                                         │
     ┌───────────────────────────────────┼───────────────────────────────────┐
     ▼                                   ▼                                   ▼
[Component I: ₹56 करोड़]            [Component II: ₹159 करोड़]          [Component III: ₹282 करोड़]
ECGC बीमित निर्यातक                 भावी शिपमेंट (New ECGC Cover)       गैर-बीमित MSME निर्यातक
(14 Feb - 15 Mar 2026)              (16 Mar - 30 Sep 2026)              (50% Extraordinary Cost)
100% तक जोखिम कवर                   95% तक जोखिम कवर (Excl. Energy)     अधिकतम ₹50 लाख प्रति Exporter

1. Component I (₹56 करोड़) — मौजूदा ECGC बीमित निर्यातक

  • पात्रता अवधि: 14 फरवरी से 15 मार्च 2026 के बीच जारी ऑनबोर्ड बिल ऑफ लैडिंग (Bill of Lading) या एयरवे बिल वाले शिपमेंट्स।
  • किसे मिलेगा: वे निर्यातक जिन्होंने व्यवधान से पहले ही ECGC की क्रेडिट बीमा पॉलिसी ले रखी थी।
  • लाभ: संकट-पूर्व की सामान्य प्रीमियम दरों पर ही कवरेज सुनिश्चित किया गया है और राजनीतिक/युद्ध जोखिम से हुए नुकसान पर 100% तक जोखिम सुरक्षा प्रदान की जाती है।

2. Component II (₹159 करोड़) — भावी निर्यात को प्रोत्साहन (Prospective Shipments)

  • पात्रता अवधि: 16 मार्च से 30 सितंबर 2026 के बीच किए जाने वाले नए शिपमेंट्स।
  • दायरा: यह घटक निर्यातकों को पूर्व-संकट की रियायती दरों पर ECGC बीमा कवर लेने की अनुमति देता है। इसके तहत 95% तक जोखिम कवरेज दिया जाता है।
  • अपवाद: यह कवर ऊर्जा उत्पादों (Energy Shipments) पर लागू नहीं होता है।

3. Component III (₹282 करोड़) — गैर-बीमित MSME निर्यातक

  • पात्रता अवधि: 14 फरवरी से 15 मार्च 2026 के बीच जारी ऑनबोर्ड बिल ऑफ लैडिंग वाले समुद्री शिपमेंट्स (Sea Shipments)।
  • किसे मिलेगा: यह घटक केवल उन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए है जिनके पास ECGC पॉलिसी कवर नहीं था और उन्हें अचानक बढ़े हुए सरचार्ज का वित्तीय बोझ उठाना पड़ा।
  • लाभ: असामान्य और असाधारण लॉजिस्टिक्स लागतों (Specified Extraordinary Costs) पर 50% तक की प्रतिपूर्ति (Reimbursement)
  • अधिकतम सीमा: प्रति निर्यातक / IEC कोड अधिकतम ₹50 लाख की सहायता सीमा तय है।

FOB और CIF कॉन्ट्रैक्ट्स में Reimbursement का अंतर (Component III)

Component III के तहत क्लेम का मूल्यांकन अनुबंध की प्रकृति के अनुसार किया जाता है:

  1. FOB (Free on Board) अनुबंध: यदि अनुबंध FOB आधार पर था, तो 50% प्रतिपूर्ति अनुबंधित FOB मूल्य और वास्तव में प्राप्त निर्यात राशि (Realised Proceeds) के बीच आए उस अंतर पर दी जाती है जो असाधारण सरचार्ज के कारण हुआ हो।
  2. CIF (Cost, Insurance & Freight) अनुबंध: यदि अनुबंध CIF आधार पर था, तो निर्यातक द्वारा वास्तव में भुगतान किए गए अतिरिक्त फ्रेट और बीमा प्रीमियम के अतिरिक्त भार पर 50% प्रतिपूर्ति प्रदान की जाती है।

कवर की जाने वाली असाधारण लागतें:

  • War Risk Surcharge
  • Emergency Conflict Surcharge
  • Additional War Risk Premium
  • संघर्ष से जुड़े अन्य अतिरिक्त शिपिंग चार्जेस

पात्र देशों की अद्यतन सूची (12 Eligible Destinations)

RELIEF Scheme के तहत वर्तमान में 12 पात्र गंतव्य और ट्रांस-शिपमेंट देश अधिसूचित हैं:

  1. संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
  2. सऊदी अरब (Saudi Arabia)
  3. कुवैत (Kuwait)
  4. कतर (Qatar)
  5. ओमान (Oman)
  6. बहरीन (Bahrain)
  7. इराक (Iraq)
  8. ईरान (Iran)
  9. इजरायल (Israel)
  10. यमन (Yemen)
  11. मिस्र (Egypt)
  12. जॉर्डन (Jordan)

पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

  • Component I & II के लिए:
    • आवेदक के पास DGFT द्वारा जारी वैध इम्पोर्टर-एक्सपोर्टर कोड (IEC) होना चाहिए।
    • निर्यातक के पास संबंधित अवधि के लिए ECGC की वैध पॉलिसी होनी चाहिए।
    • शिपमेंट अधिसूचित 12 देशों के गंतव्य के लिए होना चाहिए।
  • Component III (MSME) के लिए:
    • वैध IEC और पैन (PAN) अनिवार्य है।
    • सूक्ष्म, लघु या मध्यम श्रेणी का वैध Udyam Portal Registration प्रमाणपत्र होना आवश्यक है।
    • केवाईसी और निर्यातक कोड सत्यापन के लिए वैध बैंक खाता होना चाहिए।
    • शिपमेंट 14 फरवरी से 15 मार्च 2026 के बीच का ऑनबोर्ड सी-शिपमेंट होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

ऑनलाइन क्लेम प्रस्तुत करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी आवश्यक होगी:

  • इम्पोर्टर-एक्सपोर्टर कोड (IEC) विवरण।
  • उद्यम रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (MSME निर्यातकों के लिए)।
  • ऑनबोर्ड बिल ऑफ लैडिंग (Bill of Lading) या एयरवे बिल।
  • शिपिंग बिल (Shipping Bill) और कमर्शियल इनवॉइस।
  • शिपिंग लाइन या फ्रेट फॉरवर्डर द्वारा जारी सरचार्ज व फ्रेट इनवॉइस तथा भुगतान रसीद।
  • बैंक स्टेटमेंट और बैंक अधिकृत विवरण।
  • ECGC पॉलिसी विवरण (घटक 1 एवं 2 के लिए)।

ऑनलाइन आवेदन / क्लेम प्रक्रिया (Step-by-Step Guide)

RELIEF Scheme के सभी क्लेम ECGC Customer Portal के माध्यम से डिजिटली सबमिट किए जाते हैं:

स्टेप 1: ECGC पोर्टल पर लॉगिन/पंजीकरण

  1. आधिकारिक ECGC Customer Portal पर जाएं।
  2. यदि आप पहले से पंजीकृत ग्राहक हैं, तो अपने लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करें।
  3. गैर-बीमित MSME निर्यातक (Component III) पोर्टल पर ‘New User / MSME Registration’ विकल्प चुनकर IEC, PAN, Udyam Registration और बैंक विवरण के साथ अपना Exporter Profile/Code बनाएं।

स्टेप 2: क्लेम मॉड्यूल का चयन

  • बीमित निर्यातक डैशबोर्ड में उपलब्ध ‘RELIEF-I & II Claim’ लिंक का चयन करें।
  • गैर-बीमित MSME निर्यातक ‘RELIEF-III MSME Reimbursement’ मॉड्यूल का चयन करें।

स्टेप 3: शिपमेंट विवरण और दस्तावेज अपलोड

  1. संबंधित शिपमेंट का ऑनबोर्ड बिल ऑफ लैडिंग नंबर, शिपिंग बिल नंबर और गंतव्य देश दर्ज करें।
  2. अनुबंध का प्रकार (FOB / CIF) चुनें और वहन की गई असाधारण लागत का विवरण भरें।
  3. संबंधित इनवॉइस, फ्रेट बिल और साक्ष्य दस्तावेज अपलोड करें।

स्टेप 4: सबमिशन और प्रोसेसिंग

फॉर्म को अंतिम रूप से जांचकर सबमिट करें। ECGC द्वारा दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता राशि का निपटान किया जाता है।

RELIEF Scheme डैशबोर्ड स्टेटस (Claims Progress)

ECGC के आधिकारिक डैशबोर्ड के अनुसार 2 अगस्त 2026 तक की प्रगति स्थिति निम्नलिखित है:

  • कुल दर्ज क्लेम्स (Claims Filed): 1,562
  • निपटान किए गए क्लेम्स (Settled Claims): 762
  • भुगतान पूर्ण क्लेम्स (Payments Made): 506
  • कुल वितरित सहायता राशि: ₹15.40 करोड़
  • कुल स्वीकृत बजट: ₹497 करोड़
  • उपलब्ध शेष राशि: ₹481.60 करोड़

(नोट: यह आंकड़ा आधिकारिक डैशबोर्ड के अनुसार 2 अगस्त 2026 तक की स्थिति दर्शाता है और समय के साथ अद्यतन होता रहता है।)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Rank Math FAQs)

RELIEF योजना क्या है?

RELIEF योजना (Resilience & Logistics Intervention for Export Facilitation) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ₹497 करोड़ की एक विशेष वित्तीय सहायता योजना है। यह पश्चिम एशिया और लाल सागर व्यापार मार्ग में आए संकट के कारण बढ़े हुए फ्रेट, सरचार्ज और इंश्योरेंस लागत से प्रभावित भारतीय निर्यातकों को वित्तीय सुरक्षा व प्रतिपूर्ति (Reimbursement) प्रदान करती है।

RELIEF योजना का पूरा नाम क्या है?

RELIEF का पूरा नाम Resilience & Logistics Intervention for Export Facilitation है।

RELIEF Scheme कब शुरू हुई?

यह योजना मार्च 2026 में केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा ‘एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन’ (EPM) के अंतर्गत अधिसूचित की गई, जिसमें 14 फरवरी 2026 से प्रभावी शिपमेंट्स को सहायता के दायरे में शामिल किया गया।

Who launched the RELIEF Scheme?

The RELIEF Scheme was launched by the Ministry of Commerce and Industry, Government of India, under the Export Promotion Mission (EPM), with ECGC Limited acting as the primary nodal and implementing agency.

What is the RELIEF export scheme and what does it support?

The RELIEF Scheme is a ₹497-crore relief intervention designed to support Indian exporters facing severe logistics disruptions, abnormal freight spikes, and war risk surcharges in the Middle East/Red Sea shipping routes. It provides risk coverage up to 95–100% for ECGC-insured shipments and up to 50% reimbursement (max ₹50 lakh) on extraordinary shipping costs for non-insured MSME exporters.

Which countries are included in the RELIEF Scheme for export support?

Currently, the scheme covers 12 eligible destination/transshipment countries: UAE, Saudi Arabia, Kuwait, Qatar, Oman, Bahrain, Iraq, Iran, Israel, Yemen, Egypt, and Jordan.

RELIEF Scheme का उद्देश्य क्या है?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री व्यापार मार्ग में बाधाओं के कारण भारतीय निर्यातकों पर पड़े अतिरिक्त वित्तीय बोझ को कम करना, ऑर्डर रद्द होने से बचाना और वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

निर्यातकों के लिए RELIEF Scheme का लाभ कैसे मिलेगा?

योजना के तहत लाभ 3 घटकों (Components) में मिलता है: मौजूदा ECGC बीमित निर्यातकों को 100% तक जोखिम सुरक्षा, नए निर्यात शिपमेंट्स पर 95% तक रियायती बीमा कवर, और गैर-बीमित MSME निर्यातकों को असाधारण फ्रेट व इंश्योरेंस सरचार्ज पर 50% तक (अधिकतम ₹50 लाख) की प्रतिपूर्ति दी जाती है।

How can exporters claim benefits under the RELIEF Scheme?

Exporters can file digital claims through the official ECGC Customer Portal. Non-insured MSME exporters must register/sign up using their IEC, PAN, Udyam Registration, and bank details, select the RELIEF-III module, and upload relevant documents (Bill of Lading, Shipping Bill, and verified surcharge invoices) for processing.

What is the purpose of the RELIEF Scheme for export facilitation in India?

The primary purpose of the RELIEF Scheme is to protect Indian exporters (especially MSMEs) from geopolitical shocks, mitigate high freight and insurance risks, safeguard trade competitiveness, and support India’s overall export growth trajectory under the Make in India initiative.

निष्कर्ष (Conclusion)

वैश्विक व्यापारिक अनिश्चितताओं और लॉजिस्टिक्स संकट के बीच केंद्र सरकार की ₹497 करोड़ की RELIEF Scheme भारतीय निर्यातकों, विशेषकर MSME सेक्टर के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है। समय पर ECGC Customer Portal के माध्यम से आवश्यक दस्तावेजों के साथ क्लेम प्रस्तुत करके निर्यातक अपने वित्तीय नुकसान को कम कर सकते हैं और Make in India के तहत अपने वैश्विक व्यापार को गति दे सकते हैं।

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अस्वीकरण (Disclaimer)

डिस्क्लेमर: LocalYojana.com एक स्वतंत्र सूचनात्मक वेबसाइट है। इसका वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, DGFT या ECGC से सीधा प्रशासनिक संबंध नहीं है। इस लेख में दी गई जानकारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, पॉलिसी सर्कुलर और ECGC के दिशा-निर्देशों के आधार पर तैयार की गई है। क्लेम की विस्तृत शर्तों और पात्रता के लिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल (ecgc.in) का अवलोकन करें।

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