UDID Card (Unique Disability ID) / स्वावलंबन कार्ड ऑनलाइन और ऑफलाइन कैसे बनाएं? आवेदन, दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया

दिव्यांगजनों को पहले विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, पेंशन, रियायती यात्रा पास और चिकित्सा सुविधाओं का लाभ लेने के लिए भारी-भरकम कागजी दस्तावेज और अलग-अलग अस्पतालों से जारी मेडिकल सर्टिफिकेट साथ लेकर चलने पड़ते थे। अलग-अलग राज्यों और विभागों में प्रमाण पत्रों के प्रारूप भिन्न होने के कारण उन्हें सत्यापन के समय काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

दिव्यांगजनों की इसी समस्या को दूर करने के लिए भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग (DEPwD – सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय) ने UDID Card (Unique Disability ID) प्रणाली शुरू की है, जिसे आधिकारिक स्वावलंबन पोर्टल के कारण आमतौर पर स्वावलंबन कार्ड भी कहा जाता है। यह पूरे देश में मान्य एक एकीकृत डिजिटल पहचान पत्र और रिकॉर्ड सिस्टम है।

यदि आपके परिवार या आसपास कोई दिव्यांगजन हैं और उन्हें इस डिजिटल पहचान पत्र के लिए आवेदन करना है, तो आइए जानते हैं कि UDID Card के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कैसे करें, इसके लिए क्या दस्तावेज चाहिए और इसकी पूरी प्रक्रिया क्या है।

स्वावलंबन कार्ड क्या है और इसका मतलब (UDID Meaning) क्या होता है?

UDID का पूरा नाम Unique Disability ID (विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र) है। स्वावलंबन पोर्टल द्वारा जारी यह कार्ड दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय स्तर का एक विशिष्ट डिजिटल पहचान पत्र है। इसमें एक क्यूआर कोड और एक यूनिक पहचान संख्या अंकित होती है, जिसे स्कैन करके व्यक्ति की दिव्यांगता श्रेणी और मेडिकल बोर्ड के सत्यापन से जुड़े विवरण डिजिटल रूप से देखे जा सकते हैं।

यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) के प्रमुख लाभ क्या हैं?

  • कागजी झंझट से मुक्ति: बार-बार मूल और कागजी मेडिकल सर्टिफिकेट साथ लेकर चलने की आवश्यकता नहीं होती।
  • अखिल भारतीय मान्यता: यह पहचान पत्र देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से मान्य है।
  • सरकारी योजनाओं में उपयोगिता: कई सरकारी योजनाओं, सेवाओं और दिव्यांगजन कल्याण से जुड़े लाभों में UDID Card या Disability Certificate उपयोगी या आवश्यक हो सकता है। जैसे कि आर्थिक सहायता के लिए Viklang Pension Yojana का लाभ लेना हो या दिव्यांग छात्रों के लिए Saksham Scholarship Scheme में अप्लाई करना हो, यह कार्ड एक प्रमुख पहचान बनता है।
  • यात्रा में रियायत: रेलवे और राज्य परिवहन निगम की बसों में मिलने वाले रियायती पास के लिए यह प्राथमिक पहचान पत्र का काम करता है।

क्या दिव्यांगता प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड एक ही है?

अक्सर लोग दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate) और स्वावलंबन कार्ड (UDID Card) को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों में बुनियादी अंतर होता है:

विवरणDisability Certificate (दिव्यांगता प्रमाण पत्र)UDID Card (स्वावलंबन कार्ड)
मुख्य उद्देश्यदिव्यांगता के प्रकार और प्रतिशत को चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित करता है।दिव्यांगजन की Unique Digital ID के रूप में काम करता है।
जारी करने का आधारCompetent Medical Authority/Board के असेसमेंट के आधार पर बनता है।UDID सिस्टम के माध्यम से डिजिटल रूप से जारी किया जाता है।
दर्ज जानकारीइसमें दिव्यांगता की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट और विवरण होते हैं।इसमें Unique ID, संक्षिप्त विवरण और QR Code होता है।
उपयोगिताकई लाभों व योजनाओं के लिए आधिकारिक मेडिकल प्रमाण के रूप में मान्य।पहचान प्रमाणीकरण और डिजिटल वेरिफिकेशन को आसान बनाता है।

सरल शब्दों में: Disability Certificate आपकी दिव्यांगता का आधिकारिक मेडिकल प्रमाण है, जबकि UDID Card उस प्रमाण पत्र से जुड़ी राष्ट्रीय स्तर की एकीकृत डिजिटल पहचान है।

विकलांगता कितने परसेंट (40 प्रतिशत नियम) की होनी चाहिए?

कई दिव्यांगजन लाभों और सरकारी योजनाओं में 40% या उससे अधिक की बेंचमार्क दिव्यांगता (Benchmark Disability) महत्वपूर्ण होती है, लेकिन पात्रता संबंधित योजना या सेवा के नियमों पर निर्भर करती है। आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार 40% से कम दिव्यांगता वाले मामलों में भी नियमानुसार पहचान हेतु प्रमाण पत्र व कार्ड जारी करने की व्यवस्था उपलब्ध है।

यूडीआईडी कार्ड कहाँ से बनता है और इसके लिए कौन पात्र हैं?

UDID Card और Disability Certificate जारी करने की पूरी प्रक्रिया संबंधित सक्षम चिकित्सा प्राधिकरण (Competent Medical Authority) / मेडिकल बोर्ड के असेसमेंट और वेरिफिकेशन के आधार पर पूरी होती है।

पात्रता शर्तें:

  1. भारतीय नागरिकता: आवेदक भारत का मूल नागरिक होना चाहिए।
  2. अधिसूचित श्रेणियां: आवेदक ‘राइट्स ऑफ पर्सन्स विद डिसएबिलिटीज (RPwD) एक्ट 2016’ के तहत अधिसूचित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं (जैसे दृष्टिबाधित, मूक-बधिर, लोकोमोटर दिव्यांगता, मानसिक दिव्यांगता, ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी आदि) में से किसी एक या अधिक से प्रभावित होना चाहिए।

UDID Card के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?

आधिकारिक सिटिजन चार्टर और पोर्टल निर्देशों के अनुसार आवेदन शुरू करने से पहले निम्नलिखित जरूरी दस्तावेज तैयार रखें:

दस्तावेज का प्रकारविवरण व आवश्यकता
आवेदक की फोटोहाल ही में खींची गई रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो
हस्ताक्षर / अंगूठे का निशानसादे कागज पर किए गए हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान की स्कैन कॉपी
पहचान प्रमाण (ID Proof)पहचान सत्यापन हेतु Voter ID Card Online या Aadhaar Card Download की प्रति
पते का प्रमाण (Address Proof)निवास के प्रमाण के लिए राशन कार्ड, बिजली बिल या Domicile Certificate
दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि हो)पूर्व में बना कोई ऑफलाइन या पुराना Disability Certificate (वैकल्पिक)

यदि आपके पास पते या पारिवारिक विवरण से जुड़ा कोई औपचारिक दस्तावेज नहीं है, तो आप सत्यापन के लिए Self Declaration Form का प्रारूप भी उपयोग कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सभी जरूरी कागजात को सुरक्षित डिजिटल रूप में रखने के लिए DigiLocker सुरक्षित गाइड देख सकते हैं।

स्वावलंबन कार्ड / दिव्यांगता प्रमाण पत्र कैसे बनाएं? (पूरी प्रक्रिया)

स्वावलंबन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन किया जा सकता है:

ऑनलाइन UDID Card के लिए आवेदन कैसे करें?

1. स्वावलंबन कार्ड पोर्टल (swavlambancard.gov.in) पर रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट swavlambancard.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर दिखाई दे रहे ‘Apply for Disability Certificate & UDID Card’ विकल्प पर क्लिक करें।
  • आवेदक का पूरा नाम, पिता/अभिभावक का नाम, जन्मतिथि, लिंग और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  • यदि मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो भविष्य में OTP और सूचनाओं की सुविधा के लिए Aadhaar Mobile Number Link Guide के माध्यम से उसे अपडेट करा लें।

2. आवश्यक दस्तावेज अपलोड और फॉर्म सबमिशन

  • अपना पत्राचार और स्थायी पता दर्ज करें तथा पहचान और पते के प्रमाण अपलोड करें।
  • यदि आवेदक की आर्थिक स्थिति के आधार पर अन्य लाभ लेने हैं, तो जरूरत पड़ने पर Income Certificate Online भी अपने पास रखें।
  • दिव्यांगता का प्रकार चुनें और यदि पुराना सर्टिफिकेट है तो उसकी जानकारी दर्ज करें।
  • मेडिकल जांच के लिए अपने जिले का सरकारी अस्पताल (CMO Office / District Hospital) चुनें।
  • फॉर्म सबमिट करने के बाद प्राप्त Application/Enrolment Number को सुरक्षित नोट कर लें और पावती पर्ची डाउनलोड कर लें।

ऑफलाइन स्वावलंबन कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें?

  1. अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO Office / District Hospital) या जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) में जाएं।
  2. वहां से निर्धारित UDID आवेदन फॉर्म प्राप्त करें और उसमें सभी आवश्यक जानकारियां भरें।
  3. फॉर्म के साथ अपनी पासपोर्ट फोटो, पहचान प्रमाण और निवास प्रमाण पत्र की स्व-प्रमाणित प्रतियां संलग्न करें।
  4. फॉर्म को संबंधित काउंटर पर जमा करें, जहां अधिकृत स्टाफ आपके विवरण को स्वावलंबन पोर्टल पर डिजिटल रूप से प्रविष्ट कर देगा।

मेडिकल बोर्ड द्वारा दिव्यांगता की पहचान और जांच कैसे की जाती है?

आवेदन जमा होने के बाद मेडिकल असेसमेंट की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों से होकर गुजरती है:

चरणप्रक्रिया का विवरण
1. प्राथमिक स्क्रूटनीजिला अस्पताल या CMO कार्यालय द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।
2. मेडिकल असेसमेंटआवेदक को एसएमएस या सूचना के जरिए निर्धारित तिथि पर मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होना होता है।
3. डॉक्टरों द्वारा परीक्षणविशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम दिव्यांगता के प्रकार और स्तर का औपचारिक परीक्षण करती है।
4. बोर्ड समीक्षा व अप्रूवलमेडिकल बोर्ड की अंतिम असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा डिजिटल स्वीकृति दी जाती है।
5. डिजिटल कार्ड जनरेशनपोर्टल पर ई-दिव्यांगता प्रमाण पत्र और UDID Card ऑनलाइन तैयार हो जाता है।
6. कार्ड का प्रेषणमूल प्लास्टिक UDID कार्ड डाक विभाग (Speed Post) द्वारा पंजीकृत पते पर भेजा जाता है।

दिव्यांग सर्टिफिकेट और कार्ड बनने में कितना समय लगता है?

कार्ड बनने और जारी होने का समय आवेदन सत्यापन, मेडिकल असेसमेंट और संबंधित अस्पताल/प्राधिकरण की प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

विकलांगता प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड कैसे निकालें (Download)?

UDID Card बनने के बाद स्टेटस (विकलांगता प्रमाण पत्र कैसे चेक करें) ऑनलाइन कैसे देखें?

  1. स्वावलंबन पोर्टल पर जाएं और ‘Track Your Application Status’ विकल्प पर क्लिक करें।
  2. अपना Application/Enrolment Number या मोबाइल नंबर दर्ज करके आवेदन की वर्तमान स्थिति जांचें।
  3. इन सेवाओं को आप केंद्र सरकार के UMANG App Services के जरिए भी मोबाइल पर एक्सेस कर सकते हैं।

डिजिटल ई-स्वावलंबन कार्ड डाउनलोड कैसे करें?

  1. स्टेटस स्वीकृत (Approved) दिखने के बाद पोर्टल पर ‘Download your e-Disability Card & e-UDID Card’ विकल्प पर जाएं।
  2. अपना एनरोलमेंट नंबर और जन्मतिथि दर्ज करके डिजिटल कार्ड और सर्टिफिकेट डाउनलोड करें।

चिकित्सा रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए आप अपनी Digital Health Card ABHA ID भी बनवा सकते हैं। साथ ही, पेंशनभोगियों के नियमित सत्यापन हेतु Digital Life Certificate Online की सुविधा भी उपयोगी होती है।

UDID Card में सुधार या आवेदन पेंडिंग/रिजेक्ट होने पर क्या करें?

  • विवरण में सुधार (Correction): यदि नाम, पता या जन्मतिथि में गलती है, तो स्वावलंबन पोर्टल पर लॉगिन करके ‘Update Personal Profile’ विकल्प से सही दस्तावेज अपलोड कर सुधार का अनुरोध कर सकते हैं।
  • आवेदन Pending या Reject होने पर: पोर्टल पर रिजेक्शन का कारण देखें (जैसे अस्पष्ट दस्तावेज या अधूरी जानकारी)। यदि दस्तावेज में कमी है तो उसे पुनः अपलोड करें। यदि मेडिकल जांच की तारीख छूट गई है, तो अपने जिले के CMO कार्यालय या अस्पताल के UDID काउंटर पर जाकर नई तारीख प्राप्त करें।

महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक

विवरणआधिकारिक लिंक
स्वावलंबन मुख्य पोर्टलwww.swavlambancard.gov.in
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग (DEPwD)www.disabilityaffairs.gov.in
आवेदन स्टेटस ट्रैकिंग लिंकwww.swavlambancard.gov.in/pwd/application-status

हेल्पलाइन और संपर्क

सेवासंपर्क माध्यम
टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर1800-22-3843 / 011-24365019
ईमेल आईडीudid-depwd@gov.in
कार्य दिवससोमवार से शुक्रवार (सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

स्वावलंबन कार्ड (UDID Card) क्या है?

स्वावलंबन कार्ड (Unique Disability ID) भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला एक राष्ट्रीय स्तर का डिजिटल पहचान पत्र है, जिसमें दिव्यांगजन की पहचान, दिव्यांगता की श्रेणी और मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज होते हैं।

यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) के क्या लाभ हैं?

इस कार्ड के माध्यम से दिव्यांगजनों को बार-बार मूल कागजी मेडिकल सर्टिफिकेट साथ रखने की जरूरत नहीं होती। यह देश भर में मान्य है और दिव्यांग पेंशन, रियायती बस/रेलवे यात्रा पास, छात्रवृत्ति तथा अन्य सरकारी योजनाओं के सत्यापन को आसान बनाता है।

क्या दिव्यांगता प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड एक ही है?

नहीं। दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate) मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी किया गया चिकित्सकीय दस्तावेज है जो दिव्यांगता के प्रकार और प्रतिशत को प्रमाणित करता है, जबकि UDID Card उस प्रमाण पत्र पर आधारित एक विशिष्ट डिजिटल पहचान पत्र (ID Card) है।

यूडीआईडी कार्ड कहाँ से बनता है?

UDID Card के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वावलंबन पोर्टल (swavlambancard.gov.in) से किया जाता है। इसके बाद आवेदक के जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO Office / District Hospital) के मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच व सत्यापन के बाद इसे जारी किया जाता है।

विकलांग सर्टिफिकेट और UDID कार्ड बनाने में कितना खर्चा आता है?

स्वावलंबन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने और सरकारी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाण पत्र व कार्ड जारी करने की पूरी प्रक्रिया सरकार द्वारा बिल्कुल नि:शुल्क (Free of Cost) रखी गई है।

सरकारी योजनाओं के लिए विकलांगता कितने परसेंट होनी चाहिए?

अधिकांश सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति और आरक्षण लाभों के लिए न्यूनतम 40% या उससे अधिक की बेंचमार्क दिव्यांगता (Benchmark Disability) मान्य होती है। हालांकि, 40% से कम दिव्यांगता वाले मामलों में भी नियमानुसार पहचान हेतु प्रमाण पत्र व कार्ड जारी किया जाता है।

स्वावलंबन कार्ड / यूडीआईडी कार्ड कैसे निकालें (Download करें)?

कार्ड जारी होने के बाद आप आधिकारिक पोर्टल swavlambancard.gov.in पर जाएं। वहां ‘Download your e-Disability Card & e-UDID Card’ विकल्प पर क्लिक करें, अपना Enrolment Number या UDID नंबर और जन्मतिथि दर्ज करके डिजिटल कार्ड PDF में डाउनलोड कर सकते हैं।

यदि UDID कार्ड का आवेदन काफी समय से पेंडिंग दिखे तो क्या करें?

पोर्टल पर ‘Track Application Status’ के जरिए पेंडिंग रहने का कारण देखें। यदि दस्तावेज में कोई कमी है तो उसे ठीक करें, अथवा अपने जिले के CMO कार्यालय/जिला अस्पताल के UDID काउंटर पर जाकर मेडिकल असेसमेंट की स्थिति का पता करें।
पेंशन व बैंक डीबीटी टिप: दिव्यांग पेंशन या अन्य योजनाओं की राशि सीधे खाते में पाने के लिए Aadhaar Bank Seeding Status Check के जरिए अपना बैंक खाता सक्रिय अवश्य रखें।

पेंशन व बैंक डीबीटी टिप: दिव्यांग पेंशन या अन्य योजनाओं की राशि सीधे खाते में पाने के लिए Aadhaar Bank Seeding Status Check के जरिए अपना बैंक खाता सक्रिय अवश्य रखें।

LocalYojana.com की सलाह

UDID Card के लिए आवेदन करते समय केवल आधिकारिक Swavlamban Portal (swavlambancard.gov.in) का उपयोग करें। आवेदन जमा होने के बाद प्राप्त Application/Enrolment Number को संभालकर रखें और मेडिकल असेसमेंट के लिए निर्धारित अस्पताल या Medical Authority के निर्देशों का पालन करें।

यदि पहले से Disability Certificate उपलब्ध है, तो उसकी जानकारी आवेदन के समय सही तरीके से दर्ज करें। किसी भी अनधिकृत एजेंट या बिचौलिए को पैसे देने से बचें और आवेदन की स्थिति केवल आधिकारिक पोर्टल से ही जांचें।

निष्कर्ष

UDID Card दिव्यांगजनों के लिए देशभर में एकीकृत पहचान और डिजिटल रिकॉर्ड की व्यवस्था को सुगम बनाने वाला एक महत्वपूर्ण सरकारी सिस्टम है। इसके माध्यम से Disability Certificate और UDID Card से जुड़ी प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू की जा सकती है, जबकि आवेदन के बाद संबंधित Competent Medical Authority और Medical Board द्वारा सत्यापन और असेसमेंट किया जाता है।

यदि आप या आपके परिवार में कोई दिव्यांगजन हैं, तो आवेदन करने से पहले अपनी पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज तैयार रखें और आधिकारिक स्वावलंबन पोर्टल से आवेदन करें। आवेदन के बाद स्टेटस को समय-समय पर चेक करते रहें और मेडिकल जांच के लिए मिलने वाले निर्देशों का पालन करें।

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