उत्तर प्रदेश के किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना (Mukhyamantri Krishak Chhatravriti Yojana) संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र छात्र-छात्राओं को कृषि एवं संबंधित उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
2026 में इस योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। छात्रवृत्ति की राशि ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह करने के निर्देश दिए गए हैं, यानी नई दर लागू होने पर पात्र विद्यार्थी को ₹60,000 सालाना तक की छात्रवृत्ति मिल सकती है। साथ ही, योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए इसके दायरे का विस्तार करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
यह योजना उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के माध्यम से संचालित होती है और निर्धारित कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि संस्थानों एवं कृषि महाविद्यालयों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ दिया जाता है। योजना में केवल न्यूनतम अंक पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र विद्यार्थियों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाता है।
इस लेख में मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना 2026 की ₹5,000 वाली नई अपडेट, पात्रता, 12वीं और स्नातक में जरूरी अंक, शामिल पाठ्यक्रम, संस्थानवार सीटें, जरूरी दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया, मेरिट चयन और छात्रवृत्ति जारी रहने के नियमों की पूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है।
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना क्या है?
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा वित्तपोषित एक विशेष छात्रवृत्ति कार्यक्रम है। यह योजना किसी सामान्य ऑनलाइन पोर्टल वाली छात्रवृत्ति से पूरी तरह अलग है; यह विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के मान्यता प्राप्त राजकीय अथवा अनुदानित कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि संस्थानों और कृषि महाविद्यालयों में कृषि एवं संबंधित विषयों में स्नातक (UG) व स्नातकोत्तर (PG) स्तर पर नियमित अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए है।
कृषक परिवार फसल सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और नियमित आय सहायता के लिए पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ उठाते हैं, उसी प्रकार यह योजना उनके मेधावी बच्चों की उच्च शिक्षा को निर्बाध जारी रखने में मदद करती है।
योजना की संक्षिप्त रूपरेखा-Mukhyamantri Krishak Chhatravriti Yojana
| विवरण | आधिकारिक प्रावधान |
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना |
| संचालक संस्था | राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, उत्तर प्रदेश |
| लक्षित वर्ग | उत्तर प्रदेश के वास्तविक कृषक एवं खेतिहर मजदूरों के पुत्र-पुत्री/आश्रित |
| शैक्षणिक स्तर | कृषि/होम साइंस व संबंधित विषयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर |
| पात्र संस्थान | मान्यता प्राप्त राज्य कृषि विश्वविद्यालय, संस्थान एवं कृषि महाविद्यालय |
| चयन का आधार | मेरिट सूची के घटते क्रम (Descending Order) में |
| आवेदन का माध्यम | संबंधित शिक्षण संस्थान के सक्षम अधिकारी के माध्यम से |
2026 में मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति में क्या बदलाव हुआ?
उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की उच्चस्तरीय बैठकों के उपरांत मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना की राशि को ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रति माह करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक लाभ पहुंचाने के लिए योजना के दायरे और बजट को विस्तारित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी शामिल हैं।
हालांकि, मंडी परिषद के उपलब्ध 2026-27 रिपोर्टिंग आंकड़ों में कई लाभार्थियों के भुगतान अभी ₹36,000 वार्षिक (अर्थात ₹3,000 प्रति माह) के हिसाब से दर्ज दिखाई देते हैं। इसलिए ₹5,000 की नई दर के वास्तविक भुगतान और लागू होने की वर्तमान स्थिति के लिए विद्यार्थी अपने संस्थान के छात्र कल्याण विभाग अथवा संबंधित मंडी परिषद कार्यालय से जारी नवीनतम आदेश की पुष्टि अवश्य कर लें।
छात्रवृत्ति राशि और वित्तीय लाभ
योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को मासिक आधार पर निर्धारित छात्रवृत्ति वार्षिक रूप में स्वीकृत की जाती है:
- प्रचलित/मूल दर: ₹3,000 प्रति माह (₹36,000 प्रति वर्ष)।
- संशोधित/प्रस्तावित दर: ₹5,000 प्रति माह (₹60,000 प्रति वर्ष – नवीनतम निर्देशों के अनुसार)।
- भुगतान का माध्यम: संबंधित मंडी परिषद एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के सत्यापन उपरांत छात्रवृत्ति सीधे विद्यार्थी के खाते में जारी की जाती है।
योजना में कितने विद्यार्थियों का चयन किया जाता है? (संस्थानवार सीटें)
आधिकारिक संशोधित योजना नियमों के अंतर्गत प्रत्येक संस्थान और पाठ्यक्रम स्तर के अनुसार छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों की संख्या निश्चित की गई है:
| संस्थान का प्रकार | पाठ्यक्रम | चयनित छात्र/छात्राओं की संख्या | मूल छात्रवृत्ति दर |
| कृषि विश्वविद्यालय / कृषि संस्थान | कृषि स्नातक (UG) | 25 | ₹3,000 / माह |
| कृषि विश्वविद्यालय / कृषि संस्थान | होम साइंस स्नातक (UG) | 06 | ₹3,000 / माह |
| कृषि विश्वविद्यालय / कृषि संस्थान | कृषि स्नातकोत्तर (PG) | 10 | ₹3,000 / माह |
| कृषि विश्वविद्यालय / कृषि संस्थान | होम साइंस स्नातकोत्तर (PG) | 04 | ₹3,000 / माह |
| संबद्ध कृषि महाविद्यालय | कृषि स्नातक (UG) | 10 | ₹3,000 / माह |
| संबद्ध कृषि महाविद्यालय | कृषि स्नातकोत्तर (PG) | 05 | ₹3,000 / माह |
ध्यान दें: 2026 में योजना का दायरा बढ़ाने के निर्देशों के बाद यदि सीटों की संख्या में संशोधन होता है, तो संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना की पात्रता
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए छात्र एवं उसके परिवार को निम्नलिखित आधिकारिक शर्तें पूरी करनी होंगी:
- मूल निवास: छात्र उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। प्रमाण के तौर पर सक्षम स्तर से जारी निवास प्रमाण पत्र मान्य होगा।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: छात्र के माता-पिता या कानूनी अभिभावक उत्तर प्रदेश के पंजीकृत कृषक हों अथवा खेतिहर मजदूर हों।
- कृषक की आधिकारिक परिभाषा: योजना के नियमानुसार कृषक का आशय ऐसे व्यक्ति से है, जिसके नाम छात्रवृत्ति आवेदन की तिथि को भू-अभिलेख (राजस्व रिकॉर्ड) में कृषि भूमि दर्ज हो। इसके सत्यापन हेतु खसरा खतौनी और भू-नक्शा की प्रति आवश्यक होती है।
- खेतिहर मजदूर परिवार: ऐसे परिवार जिनके पास अपनी कृषि भूमि नहीं है परंतु वे मुख्य रूप से कृषि मजदूरी पर आश्रित हैं, उनके बच्चे भी पात्रता के दायरे में आते हैं।
मेरिट के लिए न्यूनतम कितने अंक चाहिए? (Cut-Off Marks)
इस योजना में केवल आवेदन करना ही पर्याप्त नहीं है; न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता पूरी करने वाले विद्यार्थियों में से ही मेरिट सूची बनाई जाती है:
- स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों के लिए:
- UP Board: 12वीं (इंटरमीडिएट) परीक्षा में न्यूनतम 70% अंक प्राप्त किए हों।
- अन्य बोर्ड (CBSE, ICSE आदि): 12वीं परीक्षा में न्यूनतम 85% अंक होना अनिवार्य है।
- स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों के लिए:
- स्नातक स्तर की उपाधि में न्यूनतम 70% अंक अथवा उसके समकक्ष OGPA होना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में कौन-कौन से कोर्स शामिल हैं?
संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत यह छात्रवृत्ति केवल कृषि एवं संबंधित अनुशासनों के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित है:
- कृषि स्नातक (B.Sc. Agriculture)
- कृषि स्नातकोत्तर (M.Sc. Agriculture)
- होम साइंस स्नातक (B.Sc. Home Science – कृषि विश्वविद्यालयों के अंतर्गत)
- होम साइंस स्नातकोत्तर (M.Sc. Home Science)
- कृषि से संबंधित अन्य निर्धारित विषय (जैसे उद्यान/Horticulture, वानिकी/Forestry, पशुपालन आदि)
विशेष नोट: सामान्य कला, वाणिज्य, प्रबंधन या मेडिकल/इंजीनियरिंग के विद्यार्थी इस योजना में पात्र नहीं हैं। सामान्य पाठ्यक्रमों के मेधावी छात्र राज्य की अन्य योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना या अन्य छात्रवृत्ति विकल्पों का लाभ ले सकते हैं।
कौन-कौन इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं?
- सामान्य गैर-कृषि डिग्री (BA, B.Com, BBA, सामान्य B.Sc., MBBS, B.Tech आदि) के छात्र।
- 12वीं या स्नातक में निर्धारित न्यूनतम कट-ऑफ अंक (70% या 85%) से कम अंक पाने वाले छात्र।
- प्राइवेट (पत्राचार/डिस्टेंस) माध्यम से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी।
- पाठ्यक्रम के किसी भी वर्ष में अनुत्तीर्ण (Fail) होने वाले विद्यार्थी।
- आवेदन में भ्रामक, गलत या अपूर्ण जानकारी देने वाले अभ्यर्थी।
- मेरिट सूची में निर्धारित सीट संख्या से बाहर रह जाने वाले छात्र।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
नोट: नीचे दिए गए दस्तावेज सामान्यतः आवेदन एवं पात्रता सत्यापन के समय मांगे जाते हैं। अंतिम दस्तावेज सूची संबंधित कृषि विश्वविद्यालय/महाविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार तय होगी:
- निर्धारित प्रारूप में पूर्ण भरा हुआ आवेदन पत्र एवं घोषणा पत्र।
- 12वीं (इंटरमीडिएट) अथवा स्नातक परीक्षा की मूल अंकतालिका की स्व-प्रमाणित प्रति।
- छात्र का वैध पहचान पत्र (आधार कार्ड/कॉलेज आईडी कार्ड)।
- उत्तर प्रदेश का वैध मूल निवास प्रमाण पत्र।
- भू-अभिलेख प्रमाण (अद्यतन खतौनी नकल, जिसमें कृषक का नाम दर्ज हो) अथवा खेतिहर मजदूर होने का सक्षम स्तर से प्रमाण।
- छात्र के स्वयं के नाम का बैंक खाता विवरण।
- वर्तमान पाठ्यक्रम में नियमित प्रवेश की फीस रसीद व बोनाफाइड सर्टिफिकेट।
- आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र (Affidavit)।
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में आवेदन कैसे करें?
इस योजना की आवेदन प्रक्रिया सामान्य State Scholarship Portal से संचालित नहीं होती। इसका आवेदन सीधे शिक्षण संस्थान के माध्यम से ऑफलाइन जमा होता है:
[संस्थान से आवेदन पत्र प्राप्त करना] ➔ [अंकतालिका व भू-अभिलेख संलग्न करना] ➔ [संस्थान के सक्षम अधिकारी को जमा] ➔ [मेरिट सूची निर्माण (घटते क्रम में)] ➔ [चयन समिति व मंडी परिषद अनुमोदन] ➔ [छात्रवृत्ति भुगतान]
- संस्थान से संपर्क: अपने कृषि विश्वविद्यालय या संबद्ध कृषि महाविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता (DSW) अथवा कुलसचिव कार्यालय से योजना के आवेदन पत्र और अंतिम तिथि की जानकारी प्राप्त करें।
- फॉर्म भरना: आवेदन पत्र में अपना व्यक्तिगत विवरण, पिछली कक्षा के अंक और माता-पिता के कृषक/खेतिहर मजदूर होने का विवरण साफ-साफ भरें।
- दस्तावेज संलग्न करना: अंकतालिका और भू-अभिलेख की स्व-प्रमाणित प्रतियां संलग्न करें।
- फॉर्म जमा करना: निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने संस्थान के अधिकृत कार्यालय में आवेदन पत्र जमा कर पावती रसीद लें।
मेरिट और चयन प्रक्रिया कैसे होती है?
- स्क्रूटनी: प्राप्त आवेदनों की पात्रता और कट-ऑफ अंकों की जांच की जाती है।
- मेरिट सूची का निर्माण: न्यूनतम अर्हता पूरी करने वाले सभी पात्र छात्रों की सूची उनके प्राप्तांकों के घटते क्रम (Descending Order) में बनाई जाती है।
- चयन समिति द्वारा अनुमोदन: संस्थान स्तर पर गठित चयन समिति निर्धारित सीटों के आधार पर शीर्ष विद्यार्थियों का चयन कर सूची राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के संबंधित सक्षम अधिकारी को प्रेषित करती है।
- स्वीकृति: मंडी परिषद के अनुमोदन के बाद चयनित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति जारी की जाती है।
किन परिस्थितियों में छात्रवृत्ति बंद हो सकती है? (Renewal & Termination Rules)
योजना के नियमों के अनुसार छात्रवृत्ति को पूरे पाठ्यक्रम के दौरान निरंतर बनाए रखने के लिए इन शर्तों का पालन आवश्यक है:
- परीक्षा में उत्तीर्ण होना अनिवार्य: प्रथम वर्ष के बाद अगले वर्षों में केवल उन्हीं विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति जारी रहेगी जो बिना किसी बैक के उत्तीर्ण होते हैं। किसी भी वर्ष में अनुत्तीर्ण (Fail) होने पर विद्यार्थी आगे के लिए स्वतः अपात्र हो जाता है।
- अनुशासन व आचरण: शिक्षण अवधि के दौरान छात्र का आचरण संतोषजनक होना चाहिए। अनुशासनहीनता या रैगिंग जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर छात्रवृत्ति तुरंत समाप्त कर दी जाती है।
- गलत जानकारी: यदि चयन के बाद यह पाया जाता है कि छात्र ने भूमि रिकॉर्ड या पारिवारिक पृष्ठभूमि से संबंधित गलत जानकारी दी है, तो छात्रवृत्ति निरस्त कर दी जाएगी और पूर्व में दी गई राशि की वसूली भी की जा सकती है।
दूसरी छात्रवृत्ति मिलने पर क्या होगा?
योजना के नियमों के अनुसार छात्र एक ही समय में दोहरी सरकारी छात्रवृत्ति का लाभ नहीं ले सकता:
- यदि किसी चयनित विद्यार्थी को विश्वविद्यालय, राज्य सरकार या केंद्र सरकार के किसी अन्य स्रोत से कोई अन्य छात्रवृत्ति मिल रही है, तो उसे मंडी परिषद की छात्रवृत्ति और दूसरी छात्रवृत्ति में से किसी एक का चयन करना होगा।
- यदि छात्र मंडी परिषद की छात्रवृत्ति चुनता है, तो उसे दूसरी छात्रवृत्ति का परित्याग करना होगा अथवा नियमानुसार प्राप्त राशि वापस करनी होगी।
आधिकारिक जानकारी कहाँ मिलेगी?
योजना के संबंध में किसी भी प्रकार के आधिकारिक दिशा-निर्देश, नियम पुस्तिका या संपर्क के लिए निम्नलिखित आधिकारिक पोर्टल्स और माध्यमों का उपयोग करें:
- आधिकारिक विभाग: राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, उत्तर प्रदेश
- मुख्यालय पता: किसान मंडी भवन, विभूति खंड, गोमती नगर, लखनऊ – 226010 (उ.प्र.)
- संस्थान स्तर: अपने संबंधित राज्य कृषि विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता (DSW) या कुलसचिव कार्यालय से संपर्क करें:
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना किस राज्य की योजना है?
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना उत्तर प्रदेश की योजना है, जिसका संचालन उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के माध्यम से किया जाता है।
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का लाभ किसे मिलता है?
इस योजना का लाभ निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले उत्तर प्रदेश के कृषक एवं खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी छात्र-छात्राओं को दिया जाता है, जो पात्र कृषि एवं संबंधित उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं।
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में कितनी छात्रवृत्ति मिलती है?
योजना के मूल प्रावधान में ₹3,000 प्रतिमाह यानी ₹36,000 सालाना छात्रवृत्ति का प्रावधान रहा है। 2026 में इसे ₹5,000 प्रतिमाह यानी ₹60,000 सालाना करने के निर्देश दिए गए हैं। नई दर के वास्तविक भुगतान की स्थिति के लिए विद्यार्थी अपने संस्थान या संबंधित मंडी परिषद कार्यालय से नवीनतम जानकारी जरूर लें।
स्नातक के लिए कितने प्रतिशत अंक जरूरी हैं?
स्नातक स्तर पर आवेदन के लिए UP Board से 12वीं में कम से कम 70% अंक तथा अन्य बोर्ड से कम से कम 85% अंक निर्धारित हैं।
स्नातकोत्तर (PG) के लिए कितने अंक चाहिए?
स्नातकोत्तर स्तर पर पात्रता के लिए स्नातक परीक्षा में कम से कम 70% अंक या निर्धारित समकक्ष ग्रेड होना चाहिए।
क्या 70% या 85% अंक होने पर छात्रवृत्ति पक्की मिल जाती है?
नहीं। ये न्यूनतम शैक्षणिक पात्रता हैं। पात्र विद्यार्थियों का चयन उपलब्ध सीटों और मेरिट के आधार पर किया जाता है। इसलिए केवल न्यूनतम अंक पूरा करने से छात्रवृत्ति मिलना सुनिश्चित नहीं होता।
क्या सामान्य BA, B.Com या अन्य गैर-कृषि पाठ्यक्रम के छात्र आवेदन कर सकते हैं?
सामान्य गैर-कृषि पाठ्यक्रम इस योजना के निर्धारित दायरे में नहीं आते। योजना मुख्य रूप से कृषि एवं संबंधित विषयों के निर्धारित स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए है।
क्या खेतिहर मजदूर के बच्चों को भी छात्रवृत्ति मिल सकती है?
हाँ। योजना के पात्रता प्रावधानों में खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी पुत्र-पुत्रियों/आश्रितों को भी शामिल किया गया है, बशर्ते वे अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करते हों।
क्या किसान के बच्चे के लिए कृषि भूमि होना जरूरी है?
कृषक श्रेणी में पात्रता के लिए किसान के नाम आवेदन की तिथि पर भू-अभिलेख में कृषि भूमि दर्ज होना महत्वपूर्ण है। खेतिहर मजदूर की पात्रता को किसान की भूमि-स्वामित्व वाली शर्त के साथ नहीं मिलाना चाहिए।
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में कितने विद्यार्थियों का चयन होता है?
मूल संशोधित प्रावधानों में कृषि विश्वविद्यालय/संस्थान और कृषि महाविद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुसार निर्धारित संख्या में विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। चयन मेरिट के आधार पर होता है। 2026 में योजना का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, इसलिए नवीनतम संस्थानवार सीटों की जानकारी संबंधित संस्थान से जांचना उचित है।
क्या इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है?
योजना का आवेदन सामान्य सरकारी Scholarship Portal पर सीधे करने के बजाय संबंधित कृषि विश्वविद्यालय, संस्थान या महाविद्यालय के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।
निष्कर्ष और अस्वीकरण
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना उत्तर प्रदेश के पात्र कृषक और खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को कृषि एवं संबंधित उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना है। यदि आप निर्धारित पाठ्यक्रम, शैक्षणिक अंकों और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, तो अपने संबंधित कृषि विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या संस्थान के माध्यम से समय पर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। केवल न्यूनतम अंक पूरा करना चयन की गारंटी नहीं है, क्योंकि पात्र विद्यार्थियों का चयन निर्धारित नियमों और मेरिट के आधार पर किया जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जन-जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। LocalYojana.com किसी भी सरकारी संस्था, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद या विश्वविद्यालय का आधिकारिक अंग नहीं है। योजना की पात्रता, चयन प्रक्रिया, सीटों की संख्या, छात्रवृत्ति की दर और आवेदन संबंधी नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने शिक्षण संस्थान के संबंधित विभाग तथा उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के नवीनतम आधिकारिक दिशा-निर्देशों की पुष्टि अवश्य करें।
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