DigiLocker, ABC ID (APAAR), DEB और DEB-ID में क्या अंतर है? छात्रों के लिए 2026 गाइड

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के डिजिटल क्रियान्वयन के साथ भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में कई तकनीकी सुधार किए गए हैं। कॉलेज में प्रवेश लेने, परीक्षा फॉर्म भरने या दूरस्थ/ऑनलाइन (Distance/Online) शिक्षा में दाखिला लेते समय छात्रों के सामने मुख्य रूप से चार तकनीकी नाम आते हैं। DigiLocker ABC ID DEB ID में अंतर समझना इसलिए जरूरी है, क्योंकि इन सभी की भूमिका और उपयोग अलग-अलग हैं।

अक्सर जानकारी के अभाव में छात्र इन चारों को एक ही समझ लेते हैं या इनके अलग-अलग कार्यों को लेकर असमंजस में पड़ जाते हैं। वास्तव में ये चारों अलग-अलग भूमिकाएं निभाते हैं:

  • DigiLocker जारी किए गए डिजिटल दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से एक्सेस, स्टोर और शेयर करने का सरकारी प्लेटफॉर्म है।
  • APAAR ID छात्र की 12-अंकीय आजीवन शैक्षणिक पहचान (Lifelong Academic Identity) है।
  • ABC (Academic Bank of Credits) उच्च शिक्षा में छात्रों के एकेडमिक क्रेडिट्स के संचय (Accumulation) और ट्रांसफर की व्यवस्था है, जिसमें छात्र की पहचान हेतु ABC-ID का उपयोग होता है।
  • DEB (Distance Education Bureau) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) का वह विनियामक ब्यूरो है जो देश में ओपन, डिस्टेंस और ऑनलाइन शिक्षा की मान्यता (Recognition/Entitlement) की निगरानी करता है।
  • DEB-ID यूजीसी-डीईबी द्वारा निर्धारित वह विशिष्ट लर्नर आईडी (Learner ID) है, जिसे डिस्टेंस या ऑनलाइन डिग्री/डिप्लोमा प्रोग्राम में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक छात्र के लिए बनाना अनिवार्य किया गया है।

LocalYojana.com की इस विस्तृत और तथ्यात्मक मार्गदर्शिका में हम आपको DigiLocker, ABC ID (APAAR), DEB और DEB-ID के सटीक अंतर, इनके कार्य तथा रेगुलर और डिस्टेंस/ऑनलाइन छात्रों के लिए इनके उपयोग को आसान भाषा में समझाएंगे।

Quick Comparison Table: DigiLocker vs APAAR/ABC ID vs DEB vs DEB-ID

विशेषता / पहलूDigiLockerAPAAR / ABC IDDEB (UGC Bureau)DEB-ID (Learner ID)
मूल स्वरूपडिजिटल डॉक्यूमेंट प्लेटफॉर्मआजीवन छात्र पहचान / क्रेडिट इकोसिस्टमयूजीसी का दूरस्थ शिक्षा विनियामक ब्यूरोODL / Online छात्र की विशिष्ट नामांकन आईडी
संचालक निकायइलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय (MeitY)शिक्षा मंत्रालय (MoE) एवं UGCविश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC)विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC-DEB)
प्राथमिक कार्यजारी डिजिटल दस्तावेजों को एक्सेस, स्टोर व शेयर करनाछात्र के एकेडमिक रिकॉर्ड और क्रेडिट्स को डिजिटल रूप से जोड़नाODL/Online संस्थानों और पाठ्यक्रमों की मान्यता का नियमनडिस्टेंस/ऑनलाइन प्रवेश के समय छात्र की वैधानिक पहचान सुनिश्चित करना
किसे आवश्यकता है?सभी नागरिकों एवं विद्यार्थियों कोस्कूल और उच्च शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों कोउच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) के विनियामक ढांचे हेतुODL व Online माध्यम में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को
एकेडमिक क्रेडिट ट्रांसफरसीधा संबंध नहीं (केवल मार्कशीट स्टोरेज)मुख्य उद्देश्य (क्रेडिट संचय व ट्रांसफर सुविधा)लागू नहींABC-ID के माध्यम से एकेडमिक इकोसिस्टम से जुड़ता है
डिस्टेंस एडमिशन में भूमिकासहायक (दस्तावेज सत्यापन हेतु)आवश्यक (DEB-ID जनरेशन हेतु)मान्यता व पात्रता जांचने का आधिकारिक स्रोतप्रवेश हेतु अनिवार्य (Mandatory)
पहचान प्रारूपआधार आधारित नागरिक प्रोफाइल12-अंकीय विशिष्ट पहचान संख्याविनियामक संस्थागत व्यवस्थाविशिष्ट अल्फ़ान्यूमेरिक लर्नर आईडी
आधिकारिक पोर्टलdigilocker.gov.inabc.gov.in / apaar.education.gov.indeb.ugc.ac.indeb.ugc.ac.in

Table of Contents

DigiLocker क्या है और यह छात्रों के लिए क्यों उपयोगी है?

DigiLocker भारत सरकार का एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उपयोग डिजिटल दस्तावेजों को एक्सेस, स्टोर और शेयर करने के लिए किया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के अंतर्गत संचालित यह सेवा नागरिकों को विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा सीधे जारी किए गए प्रमाण पत्रों को डिजिटल रूप में प्राप्त करने की सुविधा देती है।

छात्रों के लिए इसकी उपयोगिता:

  1. सीधे जारीकर्ता से दस्तावेज: केंद्रीय व राज्य माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE, CISCE, State Boards), विश्वविद्यालय और परीक्षा एजेंसियां 10वीं, 12वीं की मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और डिग्रियां सीधे छात्र के डिजीलॉकर में डिजिटल प्रारूप में जारी करती हैं।
  2. वैधानिक मान्यता: सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत, जारीकर्ता प्राधिकरण द्वारा सीधे DigiLocker में जारी या DigiLocker के माध्यम से डिजिटल रूप से साझा किए गए दस्तावेजों को लागू नियमों के अनुसार मूल भौतिक दस्तावेजों (Physical Documents) के समकक्ष स्वीकार किया जा सकता है।
  3. प्रवेश व छात्रवृत्ति में सुगमता: कॉलेज प्रवेश, स्कॉलरशिप आवेदन या प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान भौतिक कागजात खोने या क्षतिग्रस्त होने का जोखिम नहीं रहता।

डिजीलॉकर के सुरक्षित उपयोग और प्रोफाइल प्रबंधन से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आप DigiLocker गाइड देख सकते हैं। यदि लॉगिन या एक्सेस पिन में कोई समस्या हो, तो DigiLocker 6 Digit Security PIN रीसेट प्रक्रिया का पालन किया जा सकता है।

APAAR और ABC ID क्या हैं और यह कैसे काम करते हैं?

APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) छात्र की 12-अंकीय आजीवन शैक्षणिक पहचान (Lifelong Academic Identity) है। यह छात्रों के समस्त शैक्षणिक रिकॉर्ड, अंकसूचियों, डिग्रियों, डिप्लोमा और क्रेडिट्स को डिजिटल रूप से प्रबंधित करने के व्यापक राष्ट्रीय इकोसिस्टम से जुड़ी है।

उच्च शिक्षा के स्तर पर, ABC (Academic Bank of Credits) एक ऐसी विनियामक व्यवस्था है जो विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न पाठ्यक्रमों के दौरान अर्जित किए गए एकेडमिक क्रेडिट्स के संचय (Accumulation) और ट्रांसफर की सुविधा प्रदान करती है। इस क्रेडिट इकोसिस्टम में छात्र की पहचान और ट्रैकिंग के लिए ABC-ID का उपयोग किया जाता है।

यह व्यवस्था छात्रों को क्या लाभ देती है?

  • क्रेडिट संचय (Credit Accumulation): छात्र जिस सेमेस्टर या वर्ष में जो विषय उत्तीर्ण करते हैं, विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित क्रेडिट्स छात्र के डिजिटल एकेडमिक खाते में दर्ज हो जाते हैं।
  • शैक्षणिक गतिशीलता (Academic Mobility): यह व्यवस्था पात्र विद्यार्थियों को संस्थान या शिक्षण मार्ग (Learning Pathway) बदलने में लचीलापन प्रदान करती है। हालांकि, क्रेडिट ट्रांसफर, पात्रता और किसी अन्य संस्थान में प्रवेश संबंधित विश्वविद्यालय और पाठ्यक्रम के विनियामक नियमों पर निर्भर करता है।
  • डिजिटल ट्रैकिंग: छात्र अपने संपूर्ण उच्च शिक्षा सफर के दौरान अर्जित क्रेडिट्स का एकीकृत रिकॉर्ड ऑनलाइन देख सकते हैं।

छात्र पहचान तंत्र और इसके उपयोग के संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए APAAR ID से संबंधित विवरण भी देखा जा सकता है।

DEB क्या है और DEB-ID क्यों अनिवार्य की गई है?

DEB (Distance Education Bureau) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) का एक विशिष्ट विनियामक ब्यूरो है। इसका मुख्य कार्य भारत में दूरस्थ (Open and Distance Learning – ODL) और ऑनलाइन (Online Learning – OL) उच्च शिक्षा के मानकों, नियमों और विश्वविद्यालयों की मान्यता/संबद्धता की निगरानी करना है।

अक्सर देखने में आता है कि कई गैर-मान्यता प्राप्त या अनधिकृत संस्थान विद्यार्थियों को दूरस्थ माध्यम में बिना आवश्यक विनियामक अनुमोदन के दाखिला दे देते हैं। छात्रों को इस प्रकार के भ्रामक या अमान्य पाठ्यक्रमों से बचाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी ने DEB-ID की व्यवस्था लागू की है।

DEB-ID का उद्देश्य:

  • अनिवार्य छात्र पहचान: UGC-DEB के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय के ODL या Online डिग्री/डिप्लोमा प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी के लिए DEB-ID बनाना अनिवार्य है।
  • मान्यता की पुष्टि में सहयोग: DEB-ID का उद्देश्य यह सुनिश्चित करने में मदद करना है कि शिक्षार्थी यूजीसी द्वारा अनुमोदित संस्थान के अधिकृत प्रोग्राम में ही प्रवेश ले रहा है।
  • केंद्रीय नामांकन रिकॉर्ड: इससे यूजीसी के पास दूरस्थ व ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों का पारदर्शी और प्रामाणिक डेटा संकलित रहता है।

DigiLocker ABC ID DEB ID में अंतर: चारों की भूमिका और उपयोग (Core Differences)

इन चारों अवधारणाओं की भूमिका, उपयोग और आपसी संबंध को नीचे दिए गए संरचनात्मक चार्ट से आसानी से समझा जा सकता है:

  1. कार्य का क्षेत्र: DigiLocker का दायरा केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, इसमें Aadhaar Card, PAN Card, ड्राइविंग लाइसेंस और Income Certificate जैसे नागरिक दस्तावेज भी रखे जाते हैं। इसके विपरीत APAAR/ABC केवल शैक्षणिक रिकॉर्ड और क्रेडिट से जुड़े हैं, जबकि DEB और DEB-ID पूर्णतः दूरस्थ/ऑनलाइन उच्च शिक्षा से संबंधित हैं।
  2. आपसी जुड़ाव: ABC-ID बनाने के लिए DigiLocker अकाउंट का उपयोग किया जाता है। वहीं, ODL/Online एडमिशन के लिए DEB-ID जनरेट करते समय छात्र की ABC-ID का उपयोग प्राथमिक डेटा सत्यापन हेतु किया जाता है।

रेगुलर कॉलेज छात्रों को इनमें से किसकी आवश्यकता है?

यदि आप किसी विश्वविद्यालय, कॉलेज या तकनीकी संस्थान में नियमित (On-Campus / Regular) छात्र के रूप में अध्ययन कर रहे हैं, तो आपके लिए निम्नलिखित की आवश्यकता होती है:

  • DigiLocker: प्रवेश के समय 10वीं/12वीं के डिजिटल दस्तावेज सत्यापित करने और भविष्य में डिग्री प्राप्त करने के लिए।
  • APAAR / ABC ID: विश्वविद्यालय में नामांकन, परीक्षा फॉर्म भरने और अपने सेमेस्टरों के एकेडमिक क्रेडिट संचित करने के लिए आवश्यक।
  • DEB / DEB-ID की स्थिति: रेगुलर विद्यार्थियों को DEB-ID बनाने की कोई आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि DEB-ID केवल दूरस्थ (ODL) और ऑनलाइन लर्निंग प्रोग्राम्स के लिए निर्धारित है।

नियमित पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्र विभिन्न सरकारी सहायता योजनाओं हेतु Scholarship Scheme एवं मेधावी वर्ग के लाभों हेतु Central Sector Scholarship की पात्रता शर्तें भी देख सकते हैं।

डिस्टेंस / ऑनलाइन (ODL/OL) छात्रों को किसकी आवश्यकता है?

यदि आप इग्नू (IGNOU), किसी राज्य मुक्त विश्वविद्यालय (Open University) या किसी अन्य मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थान से दूरस्थ (ODL) या ऑनलाइन (Online) डिग्री/डिप्लोमा कर रहे हैं, तो आपको निम्नलिखित सभी चरणों का पालन करना होता है:

  1. UGC-DEB पोर्टल पर जांच: प्रवेश लेने से पहले संबंधित सत्र (Session) के लिए उस विश्वविद्यालय और विशिष्ट पाठ्यक्रम की विनियामक मान्यता (Recognition/Entitlement) की जांच करें।
  2. DigiLocker व ABC-ID: अपने डिजीलॉकर के माध्यम से ABC-ID जनरेट करें।
  3. DEB-ID अनिवार्य: UGC-DEB पोर्टल पर अपनी ABC-ID और आवश्यक विवरण दर्ज करके DEB-ID बनाएं।
  4. विश्वविद्यालय में प्रवेश: विश्वविद्यालय के एडमिशन फॉर्म में अपनी DEB-ID दर्ज करें; इसके बिना दूरस्थ शिक्षा में आपका नामांकन विधिक रूप से मान्य नहीं किया जाएगा।

ABC-ID कैसे बनाएं? (Step-by-Step)

ABC-ID बनाने के लिए DigiLocker का उपयोग किया जाता है। UGC-DEB के दिशा-निर्देशों के अनुसार भी छात्र अपने DigiLocker अकाउंट के माध्यम से आसानी से ABC-ID प्राप्त कर सकते हैं:

[digilocker.gov.in या DigiLocker App पर जाएं]
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  [लॉगिन करें और सर्च बार में 'Academic Bank of Credits' खोजें]
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 ['ABC ID Card' सेवा चुनें और संस्थान का नाम व विवरण दर्ज करें]
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[सहमति देकर सबमिट करें और 12-अंकीय ABC-ID सुरक्षित नोट कर लें]
  1. आधिकारिक पोर्टल digilocker.gov.in पर जाएं या मोबाइल में DigiLocker ऐप खोलकर लॉगिन करें।
  2. सर्च डॉक्यूमेंट्स (Search Documents) सेक्शन में जाएं और “Academic Bank of Credits” लिखकर खोजें।
  3. “ABC ID Card” विकल्प पर क्लिक करें।
  4. अपना नाम, जन्मतिथि और लिंग जांचें (यह डिजीलॉकर प्रोफाइल से स्वतः आ जाएगा)।
  5. अपनी संस्था का प्रकार (University / College), संस्थान का नाम और अपना रोल नंबर, इनरोलमेंट नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
  6. “Get Document” पर क्लिक करें। आपकी 12 अंकों की विशिष्ट ABC-ID जनरेट हो जाएगी और आपके ‘Issued Documents’ में जुड़ जाएगी।

DEB-ID कैसे बनाएं? (Step-by-Step)

ओपन, डिस्टेंस या ऑनलाइन प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए DEB-ID बनाने की सामान्य प्रक्रिया निम्नानुसार है:

  1. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दूरस्थ शिक्षा पोर्टल deb.ugc.ac.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर दिए गए “DEB-ID Registration” या लर्नर कॉर्नर के लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपनी पूर्व में बनी ABC-ID दर्ज करें।
  4. पोर्टल पर मांगी गई शिक्षार्थी पहचान, व्यक्तिगत विवरण और संबंधित प्रदाता (Provider/HEI) से संबंधित विवरण सावधानीपूर्वक भरें।
  5. विवरण की पुष्टि और आवश्यक प्रमाणीकरण (Authentication) पूरा करने के बाद फॉर्म सबमिट करें।
  6. स्क्रीन पर आपकी विशिष्ट DEB-ID प्रदर्शित होगी। इसे डाउनलोड करें या इसका प्रिंट निकालें और एडमिशन फॉर्म में दर्ज करें।

डिस्टेंस या ऑनलाइन एडमिशन लेने से पहले 5 जरूरी सावधानियां

दूरस्थ या ऑनलाइन माध्यम में उच्च शिक्षा प्राप्त करते समय छात्रों को किसी भी अनाधिकृत संस्थान के झांसे में आने से बचने के लिए इन प्रमुख बातों की पुष्टि स्वयं करनी चाहिए:

  1. संबंधित सत्र की मान्यता (Session-wise Recognition): पिछले वर्ष किसी विश्वविद्यालय को मान्यता थी, इसका अर्थ यह नहीं कि चालू सत्र में भी वह स्वतः मान्य है। UGC-DEB पोर्टल पर चालू सत्र के लिए संस्थान का स्टेटस देखें।
  2. विशिष्ट पाठ्यक्रम की संबद्धता: विश्वविद्यालय को ODL की अनुमति हो सकती है, लेकिन जिस विशिष्ट कोर्स (जैसे MBA, MCA, MA आदि) में आप दाखिला ले रहे हैं, वह उस सत्र में अनुमोदित सूची में होना चाहिए।
  3. प्रतिबंधित पाठ्यक्रम (Prohibited Programmes): इंजीनियरिंग, मेडिकल, फिजियोथेरेपी, फार्मेसी, लॉ, एग्रीकल्चर और होटल मैनेजमेंट जैसे कई तकनीकी व व्यावहारिक विषयों को डिस्टेंस मोड में संचालित करने की अनुमति सामान्यतः नहीं होती।
  4. क्षेत्राधिकार (Territorial Jurisdiction): राज्य विश्वविद्यालयों को केवल अपने राज्य की भौगोलिक सीमा के भीतर ही ODL केंद्र संचालित करने की अनुमति होती है। किसी अन्य राज्य में फ्रेंचाइजी के माध्यम से चल रहे केंद्रों से बचें।
  5. फ्रेंचाइजी मॉडल का निषेध: यूजीसी नियमों के अनुसार कोई भी विश्वविद्यालय अपने डिस्टेंस एजुकेशन प्रोग्राम को किसी निजी कोचिंग या फ्रेंचाइजी सेंटर के जरिए आउटसोर्स नहीं कर सकता। प्रवेश सीधे विश्वविद्यालय के अधिकृत पोर्टल से ही लें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या APAAR ID और ABC ID एक ही हैं?

नहीं, APAAR ID और ABC ID दोनों अलग-अलग हैं, हालांकि दोनों शिक्षा मंत्रालय की डिजिटल पहल का हिस्सा हैं और आपस में जुड़े हुए हैं।
ABC ID (Academic Bank of Credits): यह उच्च शिक्षा के छात्रों के लिए एक डिजिटल बैंक है जहाँ उनके द्वारा अर्जित क्रेडिट (अंक/क्रेडिट स्कोर) स्टोर किए जाते हैं।
APAAR ID (Automated Permanent Academic Account Registry): यह स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक के हर छात्र के लिए एक यूनिक परमानेंट आईडी (वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी) है, जिसमें छात्र का पूरा शैक्षणिक सफर और उसकी ABC ID भी समाहित होती है।

DEB ID क्या होता है?

DEB ID का पूरा नाम Distance Education Bureau ID है। यह विशेष रूप से उन छात्रों के लिए बनाई जाती है जो दूरस्थ शिक्षा (Distance Education) या ऑनलाइन लर्निंग (Online Learning) के माध्यम से अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नियमों के तहत ओपेरा/डिस्टेंस कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए इस आईडी की आवश्यकता होती है।

DigiLocker और APAAR ID क्या हैं?

DigiLocker: यह भारत सरकार का एक सुरक्षित डिजिटल डॉक्यूमेंट वॉलेट है, जहाँ आप अपने सभी मूल दस्तावेज (जैसे मार्कशीट, आधार, ड्राइविंग लाइसेंस) डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं।
APAAR ID: यह छात्रों की एक डिजिटल पहचान है जो उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड, प्रमाणपत्रों और डिजीलॉकर से सीधे जुड़ी होती है। आप डिजिलॉकर के माध्यम से ही अपनी APAAR आईडी आसानी से जनरेट या एक्सेस कर सकते हैं।

एबीसी आईडी का दूसरा नाम क्या है?

ABC ID (Academic Bank of Credits) को छात्र समुदाय में “छात्रों का क्रेडिट बैंक” या अकादमिक बैंक खाता भी कहा जाता है। इसे डिजीलॉकर के प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया गया है, इसलिए इसे कई जगह ‘डिजिलॉकर स्टूडेंट आईडी’ के रूप में भी जाना जाता है।

APAAR ID किसे कहते हैं?

APAAR ID (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) भारत सरकार की ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ योजना के तहत बनाई जाने वाली एक विशिष्ट पहचान संख्या है। यह देश के प्रत्येक स्कूली और कॉलेज के छात्र को दी जाती है, जिसमें उसकी पढ़ाई, खेल, और पाठ्येतर गतिविधियों (Extracurricular Activities) का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज रहता है।

अपार आईडी बनाने के लिए कौन सा लिंक है?

अपार आईडी बनाने के लिए आप सरकार के आधिकारिक Academic Bank of Credits (ABC) पोर्टल या DigiLocker की आधिकारिक वेबसाइट (www.digilocker.gov.in) का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा स्कूलों/कॉलेजों में छात्रों के लिए UDISE+ पोर्टल के जरिए भी इसे प्रक्रिया में लाया जाता है।

APAAR आईडी में कितने नंबर होते हैं?

APAAR आईडी में कुल 12 अंकों (12-digit unique identification number) का एक विशिष्ट कोड होता है, जो छात्र के पूरे शैक्षणिक जीवनकाल के दौरान एक समान और स्थायी रहता है।

अपनी APAAR आईडी की स्थिति कैसे जांचें?

अपनी APAAR आईडी का स्टेटस चेक करने के लिए DigiLocker ऐप या पोर्टल पर अपने अकाउंट से लॉगिन करें। ‘Search Documents’ में जाकर ‘APAAR’ या ‘ABC ID’ सर्च करें। यदि आपकी आईडी बन चुकी है, तो वह आपके डैशबोर्ड पर दिखाई देगी और आप उसकी स्थिति व विवरण देख सकेंगे।

मैं डिजिलॉकर से अपार आईडी कैसे बना सकता हूँ?

डिजिलॉकर से अपार आईडी बनाने के लिए इन चरणों का पालन करें:
अपने मोबाइल में DigiLocker ऐप खोलें या वेबसाइट पर जाएं और लॉगिन/रजिस्टर करें।
होमपेज पर सर्च बार में जाकर ‘APAAR ID’ या ‘ABC ID’ टाइप करें।
अपनी शिक्षा से जुड़ा बोर्ड, यूनिवर्सिटी या संस्थान चुनें और अपना नामांकन/रोल नंबर दर्ज करें।
अपनी जानकारी सत्यापित करने के बाद ‘Get Document’ पर क्लिक करें। आपकी अपार/एबीसी आईडी जनरेट होकर आपके डिजिलॉकर में सेव हो जाएगी।

LocalYojana.com की सलाह

सलाह: यदि आप उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने जा रहे हैं, तो अपनी DigiLocker प्रोफाइल और शैक्षणिक विवरण सही व अपडेट रखें तथा आवश्यकता के अनुसार अपनी APAAR/ABC ID समय रहते तैयार कर लें। यदि आप ODL (Distance) या Online माध्यम से किसी डिग्री या डिप्लोमा में दाखिला लेने की योजना बना रहे हैं, तो फीस जमा करने से पहले UGC-DEB पोर्टल पर संबंधित शैक्षणिक सत्र के लिए संस्थान और विशिष्ट कार्यक्रम की Recognition/Entitlement अवश्य जांचें और आवश्यक DEB-ID बनाएं। नियम, प्रक्रियाएं और अंतिम तिथियां समय-समय पर बदल सकती हैं, इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित आधिकारिक पोर्टल की नवीनतम जानकारी जरूर देखें।

📝 निष्कर्ष

DigiLocker, APAAR/ABC ID, DEB और DEB-ID चार अलग-अलग भूमिकाओं वाली व्यवस्थाएं हैं। DigiLocker मुख्य रूप से डिजिटल दस्तावेजों को access, store और share करने के लिए उपयोगी है, जबकि APAAR/ABC academic identity और academic credit ecosystem से जुड़ा है। दूसरी ओर, DEB UGC के अंतर्गत ODL और Online education से संबंधित regulatory framework और recognition/entitlement व्यवस्था से जुड़ा है, जबकि DEB-ID ODL/Online programme में admission लेने वाले learners की आवश्यक student ID है।

इसलिए किसी भी course में admission लेने से पहले केवल DigiLocker या ABC/APAAR ID बनाना पर्याप्त नहीं है। खासकर Distance या Online education में admission लेने वाले छात्रों को संबंधित session में UGC-DEB recognition/entitlement, specific programme और DEB-ID की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए। सही जानकारी और आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि करके admission लेने से students अपने academic records और education journey को बेहतर तरीके से व्यवस्थित कर सकते हैं।

Disclaimer

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य शैक्षणिक मार्गदर्शन और छात्र जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। LocalYojana.com कोई सरकारी या विनियामक संस्था नहीं है। उच्च शिक्षा के नियम, academic credits, recognition/entitlement और ऑनलाइन पोर्टल की प्रक्रियाएं शिक्षा मंत्रालय (MoE), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC/DEB) तथा संबंधित संस्थानों के नवीनतम दिशा-निर्देशों के अधीन हैं। DEB-ID होना अपने आप में किसी डिग्री या कार्यक्रम की मान्यता की पूर्ण गारंटी नहीं है। Admission लेने से पहले छात्र को संबंधित शैक्षणिक सत्र के लिए UGC-DEB पोर्टल पर संस्थान और विशिष्ट कार्यक्रम की नवीनतम स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए।

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