स्वाधार गृह योजना (शक्ति सदन): बेसहारा महिलाओं के लिए आवास, भोजन और सहायता की पूरी जानकारी

पारिवारिक कलह, घरेलू हिंसा, सामाजिक उपेक्षा या किसी गंभीर पारिवारिक संकट के बाद कई बार महिलाओं के सामने सिर छिपाने की छत और दो वक्त के भोजन का संकट खड़ा हो जाता है। जब परिवार और समाज से कोई सहारा नहीं मिलता, तब संकटग्रस्त महिलाओं को एक सुरक्षित आश्रय, सम्मान और आत्मनिर्भर बनने के ठोस सहारे की आवश्यकता होती है।

केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा पहले संचालित स्वाधार गृह (Swadhar Greh) योजना अब मिशन शक्ति के ‘समर्थ्य (Samarthya)’ उप-घटक के अंतर्गत ‘शक्ति सदन (Shakti Sadan Yojana)’ व्यवस्था में एकीकृत कर दी गई है। पूर्ववर्ती स्वाधार गृह और उज्ज्वला होम्स (तस्करी निवारण एवं पुनर्वास गृह) को मिलाकर अब शक्ति सदन के रूप में एक मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार किया गया है।

इस व्यवस्था के तहत संकटग्रस्त, निराश्रित और पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित आवास, भोजन, वस्त्र, प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं, कानूनी परामर्श, मानसिक संबल और व्यावसायिक प्रशिक्षण (कौशल विकास) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। आइए जानते हैं कि वर्तमान शक्ति सदन व्यवस्था क्या है, इसके लिए कौन पात्र हैं, नए नियम क्या हैं और जरूरतमंद महिलाएं इसमें आश्रय कैसे प्राप्त कर सकती हैं।

शक्ति सदन-Shakti Sadan Yojana (स्वाधार गृह) क्या है?

स्वाधार गृह योजना मूल रूप से संकटग्रस्त महिलाओं के संस्थागत पुनर्वास के लिए शुरू की गई थी। वर्तमान व्यवस्था में इसे और अधिक प्रभावी बनाते हुए मिशन शक्ति के ‘शक्ति सदन’ के रूप में संचालित किया जा रहा है। इसका संचालन राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और अधिकृत स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) के समन्वय से जिला स्तर पर किया जाता है।

यह केंद्र केवल एक अस्थायी रैन बसेरा नहीं है, बल्कि एक सुरक्षित पुनर्वास केंद्र है जहां कठिन परिस्थितियों में फंसी महिलाओं को मानसिक आघात से उबारने के लिए काउंसलिंग दी जाती है, उनके विधिक अधिकारों की रक्षा की जाती है और उन्हें वोकेशनल ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाया जाता है।

यदि संकट घरेलू हिंसा या किसी तत्काल खतरे से जुड़ा हो, तो महिलाएं त्वरित आपातकालीन सहायता के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर से भी सीधी मदद ले सकती हैं, जहां से आवश्यकता पड़ने पर उन्हें शक्ति सदन में रेफर कर दिया जाता है।

शक्ति सदन में मिलने वाले प्रमुख लाभ व सुविधाएं

शक्ति सदन में प्रवेश पाने वाली प्रत्येक पात्र महिला और उसके बच्चों को योजना के तहत निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं:

सुविधा का प्रकारविवरण व प्रावधान
सुरक्षित आश्रय (Shelter)सम्मानजनक, स्वच्छ और सुरक्षित आवासीय वातावरण।
भोजन एवं वस्त्र (Food & Clothing)दैनिक पौष्टिक भोजन, नाश्ता और मौसम के अनुकूल वस्त्र व बिस्तर की व्यवस्था।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जांचनियमित स्वास्थ्य परीक्षण, प्राथमिक उपचार और आवश्यकता पड़ने पर सरकारी अस्पताल में इलाज।
काउंसलिंग व मानसिक संबलकठिन परिस्थितियों और मानसिक तनाव से उबरने के लिए पेशेवर मनोवैज्ञानिक परामर्श।
कानूनी सलाह व विधिक सहायताभरण-पोषण, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा या अन्य मामलों में मुफ्त कानूनी मदद।
कौशल विकास (Skill Training)सिलाई, कढ़ाई, हैंडीक्राफ्ट, कंप्यूटर बेसिक आदि वोकेशनल ट्रेनिंग ताकि महिला बाद में आजीविका कमा सके।
मासिक ₹500 बचत प्रावधानशक्ति सदन में रहने वाली प्रत्येक पात्र महिला के बैंक खाते में निर्धारित प्रावधान के अनुसार ₹500 प्रति माह जमा किए जाते हैं। यह राशि रहने की अवधि के दौरान सामान्यतः निकाली नहीं जाती और घर से बाहर निकलने के बाद नए जीवन/आजीविका की शुरुआत के लिए उपयोग की जा सकती है।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद यदि महिलाएं अपना स्वतंत्र लघु व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं, तो वे सरकार की Lakhpati Didi Yojana अथवा व्यवसाय हेतु UP Mahila Udyam Nidhi Yojana जैसी योजनाओं से आर्थिक संबल प्राप्त कर सकती हैं।

शक्ति सदन के लिए कौन पात्र है?

कठिन और संकटपूर्ण परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही महिलाएं शक्ति सदन की सेवाओं के लिए पात्र हो सकती हैं:

  1. घरेलू हिंसा और पारिवारिक कलह से पीड़ित महिलाएं: जिन्हें ससुराल या घर से निकाल दिया गया हो और जिनके पास रहने का कोई सुरक्षित ठिकाना न हो।
  2. निराश्रित एवं बेसहारा महिलाएं: जिनका कोई आर्थिक सहारा न हो या जिन्हें परिजनों द्वारा त्याग दिया गया हो। ऐसी महिलाएं नियमित मासिक सहायता के लिए विधवा पेंशन योजना में भी आवेदन कर सकती हैं।
  3. तस्करी (Trafficking) से मुक्त कराई गई महिलाएं: जिन्हें देह व्यापार या बंधुआ मजदूरी के चंगुल से छुड़ाया गया हो और जिन्हें सामाजिक पुनर्वास की आवश्यकता हो।
  4. प्राकृतिक आपदाओं से बेघर हुई महिलाएं: जो किसी आपदा में बेसहारा हो गई हों।
  5. जेल से रिहा हुई महिला कैदी: जो अपनी सजा पूरी करने के बाद परिवार और समाज द्वारा स्वीकार न किए जाने के कारण बेसहारा हों।

बच्चों के रहने से जुड़े नियम:-Shakti Sadan Yojana

  • बालिकाएं (बेटियां): पात्र महिला अपनी अविवाहित बेटियों को किसी भी उम्र में अपने साथ शक्ति सदन में रख सकती है।
  • बालक (बेटे): वर्तमान शक्ति सदन दिशानिर्देशों के अनुसार बालक 12 वर्ष की आयु तक मां के साथ रह सकते हैं। 12 वर्ष से अधिक उम्र के बालकों को संबंधित बाल कल्याण समिति (CWC) के माध्यम से बाल गृहों (Children’s Homes) या छात्रावासों में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जाती है।

आश्रय की समय-सीमा क्या है? (Duration of Stay)

शक्ति सदन का उद्देश्य महिलाओं को दीर्घकालिक रूप से आश्रित बनाए रखना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर पुनः समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है:

  • सामान्य अवधि: एक लाभार्थी महिला सामान्यतः अधिकतम 3 वर्ष तक शक्ति सदन में रह सकती है।
  • विशेष परिस्थितियों में विस्तार: यदि किसी महिला का पुनर्वास 3 वर्ष में पूरा नहीं हो पाता या असाधारण परिस्थितियां होती हैं, तो सक्षम प्राधिकारी (जिला मजिस्ट्रेट / डीएम की अध्यक्षता वाली समिति) के अनुमोदन पर इस अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है।
  • वरिष्ठ महिलाएं: वृद्ध और असहाय महिलाओं के मामले में समय सीमा पूरी होने पर उन्हें वृद्धाश्रमों या अन्य स्थायी देखभाल केंद्रों में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जाती है। ऐसी वरिष्ठ महिलाएं भविष्य के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ भी प्राप्त कर सकती हैं।

आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)

चूंकि संकटग्रस्त महिलाएं अक्सर आपातकालीन परिस्थितियों में पहुंचती हैं, इसलिए प्रवेश के समय दस्तावेजों के अभाव में किसी को शरण देने से मना नहीं किया जाता। हालांकि, रिकॉर्ड और स्थायी पुनर्वास के लिए समय के साथ निम्नलिखित दस्तावेजों का उपयोग किया जाता है:

  • पहचान प्रमाण (यदि उपलब्ध हो): Aadhaar Card Download प्रति अथवा Voter ID Card Online
  • यदि कोई औपचारिक दस्तावेज मौजूद नहीं है, तो पहचान सत्यापन हेतु सहमति पत्र (Consent Letter) अथवा स्थानीय प्रशासन की अनुशंसा।
  • पुलिस रिपोर्ट या प्राथमिकी (FIR) की प्रति (यदि मामला अपराध, घरेलू हिंसा या तस्करी से जुड़ा हो)।
  • बच्चों के संबंध में जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन या स्कूल का रिकॉर्ड।
  • सभी प्रमाण पत्रों को डिजिटल और सुरक्षित रखने के लिए DigiLocker सुरक्षित गाइड का उपयोग किया जा सकता है।

शक्ति सदन में प्रवेश कैसे प्राप्त करें? (Admission & Referral Process)

शक्ति सदन में प्रवेश के लिए कोई सामान्य सार्वजनिक ऑनलाइन फॉर्म नहीं होता। इसमें प्रवेश मुख्य रूप से अधिकृत संस्थागत रेफरल तंत्र के माध्यम से होता है:

1. वन स्टॉप सेंटर (OSC) के माध्यम से

संकट में फंसी महिलाएं सबसे पहले जिले के वन स्टॉप सेंटर (Sakhi Centre) में संपर्क कर सकती हैं। वहां आपातकालीन व तात्कालिक सहायता मिलने के बाद मध्यकालिक या दीर्घकालिक आश्रय एवं पुनर्वास के लिए महिला को शक्ति सदन में रेफर किया जाता है।

2. पुलिस स्टेशन और हेल्पलाइन द्वारा

महिला हेल्पलाइन (181 या 112) पर कॉल करने पर रेस्क्यू टीम या स्थानीय पुलिस थाना संकटग्रस्त महिला का प्राथमिक संज्ञान लेकर विधिक प्रक्रियाओं के साथ उसे सुरक्षित शक्ति सदन में रेफर करते हैं।

3. जिला प्रशासन व बाल कल्याण तंत्र

जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO), जिला महिला एवं बाल विकास विभाग या बाल संरक्षण तंत्र के माध्यम से भी जरूरतमंद महिलाओं का मूल्यांकन कर उन्हें प्रवेश की सुविधा दी जाती है।

प्रवेश के बाद महिला का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है। यदि महिला दिव्यांग श्रेणी में आती है, तो उसे विशेष उपकरण और सहायता दिलाने हेतु UDID Card Online Apply की प्रक्रिया भी संस्थान द्वारा पूरी कराई जाती है।

महिलाओं के लिए अन्य प्रमुख सरकारी योजनाएं

शक्ति सदन में रहने के दौरान महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने और सरकारी लाभों से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं से लिंक किया जाता है:

  • वित्तीय समावेशन: महिलाओं का बैंक खाता खोलने के लिए जन धन खाता जीरो बैलेंस की सुविधा दी जाती है, जिससे ₹500 बचत राशि व अन्य लाभ सीधे मिल सकें।
  • राज्य स्तरीय डीबीटी योजनाएं: राज्य विशेष की पात्र महिलाओं को स्थानीय योजनाओं जैसे छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना या मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से जोड़ा जाता है।
  • बच्चों की शिक्षा: आश्रित बच्चों की मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए RTE स्कूल एडमिशन जैसी योजनाओं का लाभ दिलाया जाता है।

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन और संपर्क सूत्र

सेवासंपर्क नंबरउपलब्धता
महिला हेल्पलाइन (राष्ट्रीय)18124×7 (टोल-फ्री)
आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS)11224×7 (टोल-फ्री)
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) हेल्पलाइन7827-170-17024×7
चाइल्ड हेल्पलाइन109824×7

आधिकारिक जानकारी और सहायता

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

स्वाधार गृह योजना क्या है?

स्वाधार गृह कठिन परिस्थितियों में रहने वाली महिलाओं के आश्रय और पुनर्वास के लिए शुरू की गई योजना थी। वर्तमान व्यवस्था में स्वाधार गृह और उज्ज्वला होम्स को मिशन शक्ति के ‘समर्थ्य’ उप-घटक के अंतर्गत ‘शक्ति सदन (Shakti Sadan)’ में एकीकृत कर दिया गया है, जहां निराश्रित व संकटग्रस्त महिलाओं को आवास, भोजन, स्वास्थ्य, परामर्श, कानूनी मदद और कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है।

स्वाधार योजना के लिए कौन पात्र है?

कठिन और संकटपूर्ण परिस्थितियों में रहने वाली महिलाएं, जिनमें घरेलू हिंसा से पीड़ित, निराश्रित या बेसहारा महिलाएं और तस्करी से प्रभावित महिलाएं शामिल हैं, शक्ति सदन की सेवाओं के लिए पात्र हो सकती हैं। प्रवेश संबंधित संस्थागत मूल्यांकन के आधार पर होता है।

स्वाधार योजना के क्या लाभ हैं?

वर्तमान शक्ति सदन व्यवस्था में सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, वस्त्र, प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं, कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, बच्चों की देखभाल और आजीविका के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाती है। इसके अलावा, पुनर्वास सहायता के रूप में ₹500 प्रति माह बचत खाते में जमा करने का प्रावधान भी है।

स्वाधार योजना का फॉर्म कैसे भरें?

वर्तमान में इसका कोई खुला ऑनलाइन फॉर्म नहीं होता। जरूरतमंद महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर (OSC), महिला हेल्पलाइन (181/112), स्थानीय पुलिस स्टेशन या जिला स्तर की महिला एवं बाल विकास व्यवस्था के माध्यम से रेफरल और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

स्वाधार योजना कब शुरू हुई थी?

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा स्वाधार योजना वर्ष 2001-02 में शुरू की गई थी। आगे चलकर 2015 में इसे संशोधित कर ‘स्वाधार गृह’ रूप दिया गया और वर्तमान में इसे मिशन शक्ति के तहत ‘शक्ति सदन’ में समाहित कर संचालित किया जा रहा है।

क्या महिलाएं अपने बच्चों को साथ रख सकती हैं?

जी हां, पात्र महिलाएं अपनी अविवाहित बेटियों को किसी भी उम्र में साथ रख सकती हैं। बालकों (बेटों) को 12 वर्ष की आयु तक साथ रहने की अनुमति होती है; 12 वर्ष से अधिक उम्र के बालकों को नियमानुसार बाल गृहों में स्थानांतरित किया जाता है।

शक्ति सदन में अधिकतम कितने समय तक रहा जा सकता है?

सामान्य परिस्थितियों में महिलाएं अधिकतम 3 वर्ष तक रह सकती हैं। विशेष परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट (DM) की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा आवश्यकतानुसार अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है।

मिशन शक्ति योजना क्या है और शक्ति सदन से इसका क्या संबंध है?

Mission Shakti महिलाओं की सुरक्षा, सहायता और सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार की umbrella scheme है। इसके दो sub-schemes Sambal और Samarthya हैं। स्वाधार गृह और उज्ज्वला होम्स को एकीकृत करके बनाया गया शक्ति सदन, Samarthya उप-योजना का हिस्सा है।

मिशन शक्ति की दो योजनाएं कौन सी हैं?

Mission Shakti की दो sub-schemes Sambal और Samarthya हैं। Sambal महिलाओं की सुरक्षा एवं सुरक्षा-संबंधी सहायता पर केंद्रित है, जबकि Samarthya महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित है। शक्ति सदन Samarthya के अंतर्गत आता है।

मिशन शक्ति की महिला हेल्पलाइन का नंबर क्या है?

महिलाओं को सहायता या मार्गदर्शन की जरूरत होने पर Women Helpline 181 से संपर्क किया जा सकता है। यह हेल्पलाइन महिलाओं को संबंधित सहायता सेवाओं और One Stop Centre जैसी व्यवस्थाओं से जोड़ने में मदद करती है।

LocalYojana.com की सलाह

मुश्किल परिस्थितियों में किसी महिला को सबसे पहले सुरक्षित वातावरण और सही सहायता की जरूरत होती है। यदि आपके आसपास कोई महिला घरेलू हिंसा, परिवार से अलगाव, तस्करी या किसी अन्य गंभीर परिस्थिति के कारण असहाय स्थिति में है, तो उसे शक्ति सदन, वन स्टॉप सेंटर (OSC) और महिला हेल्पलाइन 181 के बारे में जरूर बताएं।

सहायता लेने के लिए केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों से संपर्क करें और किसी अनजान व्यक्ति या बिचौलिए को पैसे देने से बचें। आपात स्थिति में 112 पर संपर्क किया जा सकता है।

निष्कर्ष

स्वाधार गृह योजना का वर्तमान स्वरूप शक्ति सदन है, जहां कठिन परिस्थितियों से गुजर रही महिलाओं को सुरक्षित आश्रय के साथ उनकी जरूरत के अनुसार भोजन, वस्त्र, प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा, कानूनी सहायता, काउंसलिंग और कौशल प्रशिक्षण जैसी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल महिला को कुछ समय के लिए आश्रय देना नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराकर आगे के जीवन के लिए आवश्यक सहायता और पुनर्वास का अवसर देना भी है।

यदि किसी जरूरतमंद महिला को ऐसी सहायता की आवश्यकता है, तो उसे 181 महिला हेल्पलाइन या संबंधित सरकारी सहायता केंद्र से संपर्क करने की जानकारी जरूर दें। सही जानकारी और समय पर सहायता किसी महिला को कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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