Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Suvidha Yojana: शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज कैसे मिलेगा? पात्रता, लाभ और आवेदन की पूरी जानकारी

Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Suvidha Yojana उत्तर प्रदेश सरकार की एक स्वास्थ्य सुविधा व्यवस्था है, जिसके तहत शिक्षा क्षेत्र से जुड़े पात्र शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके eligible dependents को निर्धारित नियमों के अनुसार cashless medical treatment की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। पात्र लाभार्थी योजना के तहत अधिकृत सरकारी तथा empanelled private hospitals में उपचार का लाभ ले सकते हैं, जिससे इलाज के समय तत्काल भुगतान का आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलती है।

Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Suvidha Yojana के दायरे में शिक्षा विभाग से जुड़ी विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक और कार्मिक शामिल हैं। हालांकि Basic Education, Secondary Education और Higher Education से संबंधित पात्रता और implementation व्यवस्था अलग-अलग सरकारी निर्णयों के अनुसार हो सकती है। इसलिए योजना का लाभ लेने से पहले अपने विभाग और category के अनुसार eligibility की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।

इस गाइड में जानेंगे Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Suvidha Yojana क्या है, कौन-कौन पात्र हैं, eligible dependents को कैसे लाभ मिलता है, किन अस्पतालों में cashless treatment उपलब्ध है, Health Card के लिए registration कैसे करें, e-KYC कैसे पूरी करें और योजना से जुड़ी latest official जानकारी कहां से प्राप्त करें।

📌 योजना का संक्षिप्त विवरण (Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Suvidha Yojana)

विवरणतथ्य / आधिकारिक प्रावधान
योजना का नाममुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा
संबंधित राज्यउत्तर प्रदेश (UP)
कार्यान्वयन एजेंसीSACHIS (State Agency for Comprehensive Health and Integrated Services)
लाभार्थी वर्गबेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा के पात्र शिक्षक, कर्मी और उनके आश्रित
उपचार का प्रकारसरकारी एवं संबद्ध (Empanelled) निजी अस्पतालों में IPD कैशलेस उपचार
पहचान / सत्यापनस्टेट हेल्थ कार्ड / डिजिटल सत्यापन
आधिकारिक हेल्पलाइन1800-1800-4444 (SACHIS टोल-फ्री)

🏛️ विभागवार पात्रता एवं अलग-अलग कैबिनेट निर्णय

उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के अलग-अलग विभागों से जुड़े पात्र शिक्षकों और कार्मिकों को cashless medical facility के दायरे में लाने के लिए अलग-अलग कैबिनेट निर्णय लिए हैं। इसलिए सभी विभागों के लिए पात्रता और implementation व्यवस्था एक जैसी मानना उचित नहीं है।

1. बेसिक शिक्षा विभाग

29 जनवरी 2026 के कैबिनेट निर्णय के तहत बेसिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न पात्र वर्गों को cashless medical facility के दायरे में शामिल किया गया। इनमें बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक, सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त संस्थानों के संबंधित शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, KGBV से जुड़े पात्र कर्मी, PM पोषण योजना के रसोइये और विशेष शिक्षक जैसी श्रेणियां शामिल हैं।

2. माध्यमिक शिक्षा विभाग

माध्यमिक शिक्षा से जुड़े पात्र शिक्षकों और कार्मिकों के लिए भी 29 जनवरी 2026 को अलग कैबिनेट निर्णय लिया गया। इसमें संबंधित सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त संस्थानों के पात्र संवर्गों को योजना की cashless medical facility से जोड़ने का निर्णय शामिल है। पात्रता संबंधित विभागीय नियमों के अनुसार निर्धारित होती है।

3. उच्च शिक्षा विभाग

10 मार्च 2026 के कैबिनेट निर्णय के माध्यम से राज्य विश्वविद्यालयों, सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों से जुड़े पात्र शिक्षकों एवं अन्य कार्मिकों को cashless medical facility के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया। इस वर्ग की पात्रता और implementation संबंधित उच्च शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार देखी जानी चाहिए।

महत्वपूर्ण: किसी कर्मचारी या शिक्षक की पात्रता केवल उसके पदनाम के आधार पर तय नहीं होती। संबंधित विभाग, संस्था के प्रकार और लागू सरकारी आदेश के अनुसार eligibility की पुष्टि करना जरूरी है।

👥 कौन-कौन पात्र हैं? (Eligible Categories)

बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित 29 जनवरी 2026 की आधिकारिक कैबिनेट विज्ञप्ति के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है:

  • बेसिक शिक्षा परिषद के नियमित शिक्षक
  • अशासकीय सहायता प्राप्त (Aided) जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षक
  • स्ववित्तपोषित (Self-Financed) मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक
  • शिक्षामित्र
  • अंशकालिक अनुदेशक
  • कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) के वार्डन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक/शिक्षिकाएं
  • प्रधानमंत्री पोषण योजना (Mid-Day Meal) के रसोइये
  • विशेष शिक्षक (Special Educators)
  • उपरोक्त पात्र कार्मिकों के आश्रित परिवार के सदस्य

(नोट: अन्य शिक्षण संवर्गों तथा शिक्षणेत्तर कर्मियों की पात्रता उनके संबंधित विभागीय शासनादेश और सेवा नियमावली के आधार पर मान्य होगी।)

👨‍👩‍👧‍👦 आश्रित परिवार के नियम (Dependent Rules)

योजना के तहत पात्र कार्मिकों के साथ-साथ उनके पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों को भी कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ दिया जा सकता है। आश्रितों की पात्रता, आयु सीमा, वैवाहिक स्थिति और निर्भरता की शर्तें संबंधित विभाग के लागू शासनादेश और सेवा नियमों के अनुसार निर्धारित होंगी।

🏥 किन अस्पतालों में और किस प्रकार का इलाज मिलेगा?

योजना के तहत अधिकृत चिकित्सालयों के नेटवर्क में कैशलेस सुविधा का प्रावधान है:

  • राजकीय चिकित्सालय: राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज और अधिकृत राजकीय अस्पताल।
  • संबद्ध निजी चिकित्सालय: SACHIS द्वारा empanelled किए गए निजी अस्पताल, जहां निर्धारित पैकेजों के अधीन इन-पेशेंट (IPD) उपचार की कैशलेस सुविधा मिलती है।

कवरेज स्पष्टीकरण: सरकारी निर्णयों में मुख्य रूप से empanelled निजी चिकित्सालयों में IPD (अस्पताल में भर्ती होकर कराए जाने वाले) उपचार की कैशलेस सुविधा का उल्लेख है। सामान्य ओपीडी (OPD) परामर्श और दवाओं का कवरेज संबंधित विभागीय नियमों के अधीन हो सकता है। इसे सामान्य कर्मचारी योजनाओं की भांति बिना शर्त फ्लैट ₹5 लाख वार्षिक कवर के रूप में न देखें, बल्कि विभागीय पैकेज और नियमों के तहत समझें।

📝 ऑनलाइन आवेदन और Registration की सामान्य प्रक्रिया

Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Suvidha Yojana के लिए registration की प्रक्रिया संबंधित विभाग और लाभार्थी की category के अनुसार अलग हो सकती है। Portal का interface और उपलब्ध options समय-समय पर update भी किए जा सकते हैं। इसलिए नीचे दिए गए steps को सामान्य registration flow के रूप में समझें और आवेदन करते समय official portal पर दिए गए latest instructions को follow करें।

Step 1: Official Portal पर जाएं

अपने विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए अधिकृत registration/application portal को खोलें। किसी अनधिकृत website या third-party agent के माध्यम से registration न करें।

Step 2: अपनी Category चुनें

Portal पर उपलब्ध विकल्पों में से अपने विभाग, संवर्ग या employee category के अनुसार सही registration/application option चुनें।

Step 3: Service और Personal Details भरें

Portal पर मांगी गई Employee ID/Manav Sampada details, पद, विभाग, संस्था और अन्य personal information दर्ज करें। सभी जानकारी official records के अनुसार ही भरें।

Step 4: Eligible Dependents जोड़ें

यदि portal पर family/dependent जोड़ने का विकल्प उपलब्ध है, तो योजना के नियमों के अनुसार पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों की आवश्यक जानकारी दर्ज करें।

Step 5: Details की समीक्षा करके Submit करें

Form submit करने से पहले सभी details ध्यान से check करें। जानकारी सही होने पर application को final submit करें और यदि Application Number/Reference Number उपलब्ध कराया जाए, तो उसे सुरक्षित रखें।

Step 6: Application Status Check करें

Application submit होने के बाद संबंधित portal पर verification, approval और Health Card से जुड़ी status information check करते रहें। यदि विभाग की ओर से कोई correction या additional information मांगी जाती है, तो उसे निर्धारित समय में पूरा करें।

जरूरी बात: सभी लाभार्थियों के लिए एक जैसा registration workflow होना जरूरी नहीं है। Basic, Secondary और Higher Education से जुड़े applicants के लिए portal और verification process अलग हो सकता है। इसलिए अपने विभाग की latest official instructions को प्राथमिकता दें।

🌐 Official Portal और Offline आवेदन

Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Suvidha Yojana के लिए portal विभाग के अनुसार अलग हो सकता है। वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के अनुसार Basic, Secondary और Higher Education से जुड़े लाभार्थियों के लिए अलग-अलग registration portals उपलब्ध हैं।

  • Basic Education: CMTCTS Portal
  • Secondary Education: MCMTCTS Portal
  • Higher Education: HCMTCTS Portal
  • e-KYC: NHA Beneficiary Portal

क्या Offline आवेदन भी किया जा सकता है?

योजना के registration के लिए संबंधित विभाग द्वारा online portal उपलब्ध कराया गया है। इसलिए सामान्य रूप से आवेदन/registration की प्रक्रिया online portal के माध्यम से ही पूरी की जानी चाहिए।

यदि online registration में कोई समस्या आती है, तो लाभार्थी अपने विद्यालय/संस्था के संबंधित अधिकारी या विभागीय शिक्षा कार्यालय से सहायता ले सकते हैं। हालांकि इसे अलग से offline application facility न माना जाए, जब तक संबंधित विभाग द्वारा इसकी आधिकारिक व्यवस्था जारी न की गई हो।

जरूरी बात: Portal और registration process विभाग तथा beneficiary category के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए आवेदन करते समय अपने विभाग के official portal पर उपलब्ध latest instructions को ही follow करें।

🔄 सत्यापन एवं अनुमोदन प्रक्रिया (Approval Workflow)

आवेदन सबमिट करने के बाद विभागीय स्तर पर सत्यापन की सामान्य कार्यप्रणाली इस प्रकार रहती है:

[आवेदक द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन]
              ↓
[विभागीय सत्यापन (ब्लॉक/संस्था स्तर पर)]
              ↓
[सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम अनुमोदन]
              ↓
[Health Card / Beneficiary डेटा सक्रियण]

📲 e-KYC एवं Health Card सक्रियण

आवेदन के अनुमोदन के बाद लाभार्थी सत्यापन और कार्ड जनरेशन की प्रक्रिया पूरी की जाती है:

  • अनुमोदन के बाद यदि पोर्टल पर e-KYC या लाभार्थी सत्यापन का निर्देश दिया जाता है, तो अधिकृत व्यवस्था के अनुसार आधार/ओटीपी या उपलब्ध प्रमाणीकरण विधि से सत्यापन पूरा करें।
  • कार्ड डाउनलोड का विकल्प आधिकारिक पोर्टल पर लाभार्थी का स्टेटस स्वीकृत (Approved) होने के बाद उपलब्ध कराया जाता है।
  • अधिकृत विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार ही संबंधित पोर्टल या लिंक से अपना डिजिटल हेल्थ कार्ड प्राप्त करें।

📄 आवश्यक दस्तावेज एवं विवरण

दस्तावेज / विवरणस्थिति
Aadhaarपहचान एवं सत्यापन हेतु आवश्यक हो सकता है
Employee ID / मानव संपदा कोडसेवा और पद सत्यापन हेतु (विभाग के अनुसार)
पासपोर्ट साइज फोटोपोर्टल पर मांगे जाने पर अपलोड करने हेतु
आश्रितों का विवरणपात्र परिवार के सदस्यों को जोड़ने के लिए
अन्य सेवा अभिलेखविभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार

⚖️ कैशलेस मेडिकल सुविधा और बैंकिंग/बीमा लाभ में अंतर

शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कुछ संवर्गों को Bank Salary Account या अलग-अलग बैंकिंग MoU के तहत Personal Accident Insurance, Air Accident Cover या Term Insurance जैसी अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकती हैं। इन सुविधाओं की जानकारी संबंधित बैंक, विभागीय समझौते या लागू insurance policy के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

इन Banking/Insurance Benefits को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा से अलग समझना जरूरी है। कैशलेस मेडिकल सुविधा के तहत पात्र लाभार्थी निर्धारित नियमों और पैकेज के अनुसार empanelled hospitals में cashless medical treatment का लाभ लेते हैं, जबकि बैंक/बीमा से जुड़े लाभ किसी दुर्घटना, मृत्यु या अन्य covered event के मामले में insurance claim के रूप में लागू हो सकते हैं।

सुविधामुख्य उद्देश्यपात्रता/शर्तें
Cashless Medical Facilityपात्र बीमारी/उपचार के लिए cashless healthcareयोजना के नियम, hospital और applicable package
Personal Accident Insuranceदुर्घटना से होने वाली covered loss की आर्थिक सुरक्षासंबंधित बैंक/insurance policy की शर्तें
Air Accident Coverहवाई दुर्घटना से जुड़े covered claimsलागू बैंक/insurance policy
Term Insuranceबीमित व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में financial protectionसंबंधित policy की eligibility और terms

ध्यान दें: किसी Bank MoU या Insurance Policy में बताए गए benefits को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा का हिस्सा न मानें। इनके लिए संबंधित बैंक और insurance provider की latest policy terms और eligibility conditions जरूर जांचें।

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🔗 महत्वपूर्ण आधिकारिक एवं उपयोगी लिंक्स

🌐 आधिकारिक वेब पोर्टल्स (Outbound Links)

  • SACHIS Official Portal — उत्तर प्रदेश स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज की मुख्य वेबसाइट।
  • CMTCTS Portal — बेसिक शिक्षा विभाग के कार्मिकों के लिए निर्धारित कैशलेस चिकित्सा पंजीकरण पोर्टल।
  • NHA Beneficiary Portal — राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण का आयुष्मान/लाभार्थी ई-केवाईसी पोर्टल।
  • Information & Public Relations Dept, UP — उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियां और कैबिनेट निर्णय।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Rank Math FAQs)

क्या शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइये इस कैशलेस सुविधा के पात्र हैं?

बेसिक शिक्षा विभाग के 29 जनवरी 2026 के आधिकारिक कैबिनेट निर्णय में शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के कर्मियों और प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।

क्या इस योजना के तहत निजी अस्पतालों में ओपीडी (OPD) इलाज भी कैशलेस है?

उपलब्ध सरकारी निर्णयों में निजी संबद्ध (empanelled) अस्पतालों के संदर्भ में मुख्य रूप से IPD (अस्पताल में भर्ती होकर) कैशलेस उपचार का उल्लेख है। ओपीडी परामर्श और दवाइयों की व्यवस्था विभागीय नियमों और लागू शर्तों पर निर्भर करती है।

क्या बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षकों के लिए एक ही पोर्टल है?

नहीं, बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा संवर्गों के लिए अलग-अलग कैबिनेट निर्णय और प्रशासनिक व्यवस्थाएं हैं। इसलिए कार्मिकों को अपने संबंधित विभाग द्वारा निर्दिष्ट आधिकारिक पोर्टल और दिशा-निर्देशों का ही उपयोग करना चाहिए।

योजना से संबंधित आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर क्या है?

SACHIS के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध प्राथमिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-4444 है, जिस पर योजना और अस्पताल नेटवर्क से जुड़ी सहायता प्राप्त की जा सकती है।

आवेदन अस्वीकृत (Reject) होने पर क्या करें?

यदि फॉर्म में डेटा त्रुटि के कारण आवेदन रिजेक्ट होता है, तो संबंधित पोर्टल पर रिजेक्शन का कारण देखें और अपने खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) या संबंधित आहरण-वितरण अधिकारी (DDO) कार्यालय से संपर्क कर डेटा अपडेट करवाएं।

क्या इस योजना के लिए हर साल नवीनीकरण (Renewal) कराना पड़ता है?

आम तौर पर सेवारत कार्मिकों का डेटा विभागीय रिकॉर्ड से जुड़ा रहता है। जब तक कर्मचारी सेवा में है और विभागीय सत्यापन सक्रिय है, कार्ड मान्य रहता है; वार्षिक सत्यापन की आवश्यकता केवल विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अधीन होती है।

🛡️ निष्कर्ष एवं अस्वीकरण (Disclaimer)

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा के तहत उत्तर प्रदेश के विभिन्न शिक्षा विभागों से जुड़े पात्र शिक्षकों, कार्मिकों और उनके पात्र आश्रितों को कैशलेस इन-पेशेंट मेडिकल ट्रीटमेंट देने की व्यवस्था की गई है। हालांकि बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए पात्रता, नियम और तकनीकी कार्यान्वयन अलग-अलग सरकारी आदेशों के अधीन हैं।

अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध आधिकारिक कैबिनेट सूचनाओं और संदर्भों के आधार पर जनहित व सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार के आवेदन, दावा अथवा आधिकारिक प्रक्रिया को पूरा करने से पूर्व संबंधित विभाग तथा SACHIS के नवीनतम शासनादेशों व दिशा-निर्देशों का भली-भांति अवलोकन अवश्य करें।

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