सरकारी योजनाओं में आवेदन करना हो, कॉलेज में एडमिशन के दौरान गैप ईयर साबित करना हो, नाम में वर्तनी (Spelling) की गलती सुधारनी हो या कोर्ट-कचहरी का कोई कार्य हो— लगभग हर जगह एक दस्तावेज की मांग सबसे आम होती है, जिसे हम शपथ पत्र (Affidavit) कहते हैं।
प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं में शपथ पत्र एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है। इसके जरिए व्यक्ति लिखित रूप में यह स्वीकार करता है कि उसके द्वारा दी गई समस्त जानकारी पूर्णतः सत्य है। यदि आपको भी किसी कार्य के लिए शपथ पत्र बनवाने की आवश्यकता है, तो यह विस्तृत गाइड आपके लिए है। यहाँ जानें कि शपथ पत्र क्या होता है, यह कितने प्रकार का होता है, इसे बनवाने में कितना खर्च आता है और इसका सही प्रारूप (Format) क्या है।
शपथ पत्र (Affidavit) क्या है?
शपथ पत्र एक ऐसा लिखित वैधानिक दस्तावेज (Legal Document) होता है, जिसमें कोई व्यक्ति किसी अधिकृत प्राधिकारी (जैसे नोटरी पब्लिक, शपथ आयुक्त या मजिस्ट्रेट) के समक्ष सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा या शपथ लेकर अपने बयानों की पुष्टि करता है।
कानूनी भाषा में:
- शपथ पत्र देने वाले व्यक्ति को ‘शपथी’ (Deponent) कहा जाता है।
- इसमें लिखी गई हर बात को कानून की नज़र में व्यक्ति का आधिकारिक बयान माना जाता है।
- यदि कोई व्यक्ति शपथ पत्र में जानबूझकर कोई गलत या भ्रामक जानकारी दर्ज करता है, तो इसे भारतीय कानून (भारतीय न्याय संहिता / IPC) के तहत अपराध माना जाता है और उस पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
शपथ पत्र की आवश्यकता कब और कहाँ पड़ती है?
शपथ पत्र का उपयोग विभिन्न प्रशासनिक, शैक्षणिक और कानूनी कार्यों में साक्ष्य (Proof) के रूप में किया जाता है। मुख्य उपयोग निम्नलिखित हैं:
- नाम या उपनाम में सुधार/बदलाव: यदि शैक्षणिक प्रमाण पत्रों और पहचान पत्रों में नाम की स्पेलिंग अलग-अलग हो या शादी के बाद उपनाम बदला गया हो, तब Name Change Gazette या सुधार प्रक्रिया के लिए एफिडेविट मांगा जाता है।
- एजुकेशन गैप (Gap Certificate): 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद पढ़ाई में 1-2 साल का अंतर होने पर कॉलेज एडमिशन के समय गैप एफिडेविट देना होता है।
- सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए: कई कल्याणकारी योजनाओं में आय, जाति, एकल परिवार या भूमि स्वामित्व के स्व-सत्यापन के लिए Self Declaration Form या शपथ पत्र अनिवार्य होता है।
- दस्तावेज खो जाने पर: ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी या मार्कशीट खो जाने पर डुप्लीकेट कॉपी जारी कराने के लिए।
- पते का प्रमाण: किराए पर रहने की स्थिति में या स्थायी पते का अन्य साक्ष्य न होने पर Niwas Praman Patra के साथ शपथ पत्र संलग्न करना पड़ता है।
- कोर्ट-कचहरी और वैवाहिक मामले: न्यायालय में गवाही, संपत्ति विवाद, उत्तराधिकार या Marriage Certificate बनवाने के दौरान।
शपथ पत्र के मुख्य प्रकार
शपथ पत्र मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित होते हैं:
- न्यायिक शपथ पत्र (Judicial Affidavit): यह कोर्ट के मुकदमों, कानूनी अपीलों, जमानत या अदालती कार्यवाहियों में न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।
- गैर-न्यायिक शपथ पत्र (Non-Judicial Affidavit): यह प्रशासनिक, शैक्षणिक, वाणिज्यिक या व्यक्तिगत कार्यों के लिए सामान्य नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर तैयार कराया जाता है। आम नागरिक अधिकतर इसी श्रेणी का शपथ पत्र बनवाते हैं।
शपथ पत्र बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज (Required Documents)
एफिडेविट तैयार कराने और नोटरी से सत्यापित कराने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- शपथी (Deponent) का पहचान पत्र: Aadhaar Card, PAN Card या Voter ID Card
- पते का प्रमाण: राशन कार्ड, बिजली बिल या मूल निवास प्रमाण पत्र
- विषय से संबंधित सहायक दस्तावेज:
- नाम सुधार के लिए: पुराने और नए नाम वाले दोनों दस्तावेज
- गैप सर्टिफिकेट के लिए: पिछली अंतिम उत्तीर्ण कक्षा की मार्कशीट
- संपत्ति से जुड़े मामले के लिए: खसरा/खतौनी या बैनामा की प्रति
- पासपोर्ट साइज फोटो: (कुछ विशेष न्यायिक या विवाह संबंधी शपथ पत्रों के लिए)
शपथ पत्र के लिए स्टाम्प पेपर और फीस (Stamp Paper Rules)
शपथ पत्र सादे कागज पर मान्य नहीं होता, इसे राज्य सरकार द्वारा निर्धारित गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर (Non-Judicial Stamp Paper) या ई-स्टाम्प (e-Stamp) पर टाइप किया जाता है:
- स्टाम्प पेपर का मूल्य: सामान्य प्रशासनिक या व्यक्तिगत शपथ पत्रों के लिए अधिकांश राज्यों में ₹10, ₹20, ₹50 या ₹100 का स्टाम्प पेपर उपयोग किया जाता है।
- ई-स्टाम्प (e-Stamp): अब अधिकांश राज्यों में फिजिकल स्टाम्प की जगह ऑनलाइन ई-स्टाम्प प्रणाली लागू है, जिसे आप Court Fee e-Stamp या नजदीकी अधिकृत ई-स्टाम्प वेंडर से प्राप्त कर सकते हैं।
- कुल अनुमानित खर्च: स्टाम्प पेपर की कीमत + टाइपिंग शुल्क (₹50-₹100) + नोटरी सत्यापन शुल्क (₹50-₹100)। आमतौर पर एक सामान्य शपथ पत्र ₹150 से ₹300 के भीतर बनकर तैयार हो जाता है।
शपथ पत्र कैसे बनवाएं? (Step-by-Step Process)
शपथ पत्र बनवाने की प्रक्रिया सरल और सुव्यवस्थित होती है:
चरण 1: उद्देश्य और प्रारूप निर्धारित करें
सबसे पहले यह तय करें कि आपको शपथ पत्र किस विभाग में और किस कारण से देना है (जैसे- नाम सुधार, जन्मतिथि सुधार, गैप ईयर आदि)।
चरण 2: स्टाम्प पेपर खरीदें
तहसील, कलेक्ट्रेट, कोर्ट परिसर या अधिकृत स्टाम्प वेंडर से आवश्यक मूल्य का नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर या ई-स्टाम्प अपने नाम से खरीदें।
चरण 3: मैटर ड्राफ्ट और टाइप करवाएं
कोर्ट परिसर में टाइपिस्ट या वकील के माध्यम से अपने शपथ पत्र का मजमून (Content) स्टाम्प पेपर पर टाइप करवाएं। इसमें आपका नाम, पिता का नाम, पूरा पता और बिंदुवार (Point to Point) वे बातें लिखी जाती हैं जिनकी आप शपथ ले रहे हैं।
चरण 4: नोटरी पब्लिक से सत्यापन (Attestation)
टाइप किए गए शपथ पत्र को लेकर किसी अधिकृत नोटरी पब्लिक (Notary Public) या ओथ कमिश्नर (Oath Commissioner) के पास जाएं।
- नोटरी आपके मूल पहचान पत्र की जांच करेगा।
- आपके समक्ष रजिस्टर में प्रविष्टि दर्ज कराई जाएगी।
- नोटरी के सामने आपको हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाना होगा।
- अंत में नोटरी अधिकारी अपनी सील, स्टाम्प, रजिस्ट्रेशन नंबर और नोटोरियल टिकट लगाकर हस्ताक्षर करेगा।
इसके बाद आपका शपथ पत्र पूरी तरह से कानूनी रूप से वैध और प्रस्तुत करने योग्य हो जाता है।
सामान्य शपथ पत्र का प्रारूप (General Affidavit Format in Hindi)
नीचे एक सामान्य शपथ पत्र का प्रारूप दिया गया है, जिसे आवश्यकतानुसार बदला जा सकता है:
Plaintext
## शपथ पत्र (Affidavit) का सामान्य प्रारूप
**शपथ पत्र (AFFIDAVIT)**
**समक्ष: नोटरी पब्लिक / सक्षम प्राधिकारी, ........................................**
मैं, **.........................................................** (शपथी का नाम), पुत्र/पुत्री/पत्नी श्री **.........................................................**, उम्र लगभग **........ वर्ष**, निवासी **ग्राम/मोहल्ला .........................................................**, पोस्ट **.........................................................**, तहसील **.........................................................**, जिला **.........................................................**, राज्य **.........................................................**, सत्यनिष्ठापूर्वक निम्नलिखित घोषणा करता/करती हूँ:
**1.** यह कि मैं उपरोक्त पते का निवासी हूँ तथा इस शपथ पत्र में वर्णित तथ्यों से भली-भांति परिचित हूँ।
**2.** यह कि .................................................................................................................................
......................................................................................................................................................
*(यहाँ शपथ पत्र बनाने का मुख्य कारण या घोषणा लिखें।)*
**3.** यह कि .................................................................................................................................
......................................................................................................................................................
*(यहाँ मुख्य कारण से संबंधित आवश्यक विवरण लिखें।)*
**4.** यह कि मेरे द्वारा इस शपथ पत्र में दी गई समस्त जानकारी मेरे ज्ञान एवं विश्वास के अनुसार सत्य एवं सही है तथा इसमें कोई महत्वपूर्ण तथ्य छिपाया नहीं गया है।
**स्थान:** ....................................
**दिनांक:** ....................................
**शपथी / Deponent के हस्ताक्षर:** ....................................
**नाम:** ............................................................
### सत्यापन (Verification)
मैं, उपरोक्त शपथी **.........................................................**, यह सत्यापित करता/करती हूँ कि इस शपथ पत्र के पैरा क्रमांक **1 से 4** में वर्णित सभी तथ्य मेरे ज्ञान एवं विश्वास के अनुसार सत्य एवं सही हैं तथा इसमें कोई महत्वपूर्ण तथ्य छिपाया नहीं गया है।
**स्थान:** ....................................
**दिनांक:** ....................................
**शपथी / Deponent के हस्ताक्षर:** ....................................
**नाम:** ............................................................
### नोटरी पब्लिक / सक्षम प्राधिकारी
**हस्ताक्षर एवं मुहर:**
............................................................
शपथ पत्र प्रारूप (Affidavit Format) PDF व Word डाउनलोड करें
शपथ पत्र बनवाने से पहले उसका सही प्रारूप तैयार करना जरूरी है। आप नीचे दिए गए PDF या Word Format को डाउनलोड करके अपनी आवश्यकता के अनुसार जानकारी भर सकते हैं।
Affidavit Format डाउनलोड करने का तरीका
- PDF Format: प्रिंट लेकर हाथ से जानकारी भरने के लिए।
- Word Format: कंप्यूटर या मोबाइल पर जानकारी एडिट करने के लिए।
- नाम, पिता/पति का नाम, पता और शपथ पत्र से संबंधित आवश्यक विवरण भरें।
- तैयार प्रारूप को आवश्यक स्टाम्प पेपर/e-Stamp के साथ संबंधित नियमों के अनुसार उपयोग करें।
- आवश्यकता होने पर नोटरी पब्लिक/सक्षम प्राधिकारी से सत्यापन और मुहर करवाएं।
शपथ पत्र Format Download
📄 [Affidavit Format in Hindi – PDF download करें।
प्रिंट करके हाथ से भरने के लिए
महत्वपूर्ण: ऊपर दिया गया प्रारूप सामान्य जानकारी के लिए है। यदि किसी सरकारी विभाग, न्यायालय, विश्वविद्यालय, बैंक या अन्य संस्था ने विशेष प्रारूप निर्धारित किया है, तो उसी निर्धारित प्रारूप का उपयोग करें। स्टाम्प पेपर/स्टाम्प ड्यूटी और नोटरी संबंधी आवश्यकताएं भी संबंधित राज्य या संस्था के नियमों के अनुसार हो सकती हैं।
शपथ पत्र बनवाते समय ध्यान रखने योग्य सावधानियां
- तथ्यों की सत्यता: कभी भी किसी के बहकावे में आकर झूठा हलफनामा न दें। झूठा शपथ पत्र देना कानूनन दंडनीय अपराध है।
- नाम व पते की सही वर्तनी: अपने नाम, पिता के नाम और पते की स्पेलिंग अपने आधिकारिक पहचान पत्र के अनुसार ही दर्ज कराएं।
- नोटरी का पंजीकरण नंबर: यह सुनिश्चित करें कि नोटरी करने वाले वकील/अधिकारी की मुहर पर उनका रजिस्ट्रेशन नंबर और वैधता अवधि स्पष्ट रूप से अंकित हो।
- वेरिफिकेशन क्लॉज (सत्यापन): शपथ पत्र के अंत में ‘सत्यापन’ (Verification Clause) होना अनिवार्य है, इसके बिना एफिडेविट अधूरा माना जाता है।
शपथ पत्र (Affidavit) एवं ई-स्टाम्प से जुड़े महत्वपूर्ण आधिकारिक पोर्टल
शपथ पत्र, ई-स्टाम्प, नोटरी और संबंधित कानूनी जानकारी के लिए नीचे दिए गए आधिकारिक पोर्टल उपयोगी हो सकते हैं:
| सेवा / उद्देश्य | आधिकारिक पोर्टल | उपयोग |
|---|---|---|
| ई-स्टाम्प संबंधी सेवा | StockHolding e-Stamping | उपलब्ध राज्यों में e-Stamp से संबंधित सेवाओं के लिए |
| नोटरी से संबंधित जानकारी | Department of Legal Affairs | नोटरी पब्लिक से संबंधित नियम एवं आधिकारिक जानकारी के लिए |
| कानून एवं अधिनियम | India Code | Notaries Act, 1952 सहित केंद्रीय कानून देखने के लिए |
| ई-कोर्ट सेवाएं | eCourts Services | न्यायालय एवं केस से संबंधित आधिकारिक सेवाओं के लिए |
| उत्तर प्रदेश | IGRSUP – Stamp & Registration Department | e-Stamp, स्टाम्प शुल्क, सत्यापन और पंजीयन संबंधी सेवाओं के लिए |
| मध्य प्रदेश | MPIGR – Registration & Stamps Department | स्टाम्प एवं पंजीयन संबंधी राज्य स्तरीय सेवाओं के लिए |
| राजस्थान | ePanjiyan – Registration & Stamps Department | स्टाम्प एवं पंजीयन संबंधी सेवाओं के लिए |
महत्वपूर्ण: e-Stamp या स्टाम्प पेपर खरीदने से पहले अपने राज्य में लागू स्टाम्प ड्यूटी, अधिकृत विक्रेता/पोर्टल और संबंधित प्रक्रिया की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट से अवश्य जांच लें। अलग-अलग राज्यों में नियम और प्रक्रिया अलग हो सकती है।
FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शपथ पत्र कैसे तैयार करें?
शपथ पत्र तैयार करने के लिए सबसे पहले आपको अपने मामले (जैसे नाम परिवर्तन, पता प्रमाण या आय) के अनुसार विषय तय करना होता है। इसके बाद एक ड्राफ्ट (प्रारूप) तैयार किया जाता है, जिसे तय मूल्य के नॉन-जुडिशियल स्टांप पेपर पर टाइप या प्रिंट कराया जाता है। अंत में, अधिकृत नोटरी पब्लिक (Notary Public) या शपथ कमिश्नर के समक्ष हस्ताक्षर करके इसे सत्यापित करवाया जाता है।
शपथ पत्र का प्रारूप क्या है?
शपथ पत्र के प्रारूप में सबसे ऊपर शीर्ष (जैसे “शपथ पत्र” या “Affidavit”) लिखा जाता है। इसके बाद शपथकर्ता (Deponent) का नाम, पिता का नाम, उम्र और पूरा पता होता है। मध्य भाग में क्रमांक (Points) के रूप में वे तथ्य लिखे जाते हैं जिनकी पुष्टि की जा रही है। अंत में सत्यापन (Verification) खंड होता है, जिसमें हस्ताक्षर और दिनांक दर्ज किए जाते हैं।
हिंदी में शपथ पत्र कैसे लिखते हैं?
हिंदी में शपथ पत्र लिखने के लिए स्पष्ट और औपचारिक भाषा का प्रयोग किया जाता है। शुरुआत में “मैं [नाम], पुत्र/पुत्री [पिता का नाम], निवासी [पता]… शपथपूर्वक घोषणा करता/करती हूँ कि…” लिखकर अपने मुख्य बयानों को बिंदुओं में दर्ज करते हैं। अंत में स्थान, दिनांक और अपने हस्ताक्षर के साथ नोटरी की मुहर लगवाई जाती है।
शपथ पत्र कैसे बनाया जाता है?
शपथ पत्र बनवाने के लिए आप किसी वकील (Advocate) या स्टांप विक्रेता की मदद ले सकते हैं। वे आपकी जरूरत के अनुसार सही फॉर्मेट तैयार कर देते हैं। इसके बाद स्टांप पेपर पर मैटर प्रिंट करवाकर नोटरी वकील के पास जाना होता है, जो कागजात की जांच कर अपनी सील और हस्ताक्षर के साथ इसे कानूनी मान्यता देते हैं।
स्टांप पेपर पर शपथ पत्र कैसे लिखें?
स्टांप पेपर पर शपथ पत्र लिखने के लिए आप इसे टाइपराइटर (टाईपिस्ट) से टाइप करवा सकते हैं या कंप्यूटर से प्रिंट निकलवा सकते हैं। ध्यान रखें कि स्टांप पेपर पर ऊपर से निर्धारित मार्جن छोड़कर टेक्स्ट की शुरुआत की जाए और अंत में सत्यापन के लिए पर्याप्त जगह छोड़ी जाए ताकि नोटरी की मुहर और हस्ताक्षर आसानी से आ सकें।
शपथ पत्र कैसे भरें?
यदि आपके पास पहले से कोई फॉर्म या प्रिंटेड फॉर्मेट है, तो उसमें मांगी गई सभी जानकारियां (जैसे नाम, आयु, पता, और शपथ का कारण) साफ-सुथरे अक्षरों में भरें। किसी भी प्रकार की काट-छांट (Overwriting) करने से बचें। यदि कोई गलती हो जाए, तो वहां अपने संक्षिप्त हस्ताक्षर (Initial) कर दें।
हिंदी में एफिडेविट कैसे लिखें?
एफिडेविट (Affidavit) को ही हिंदी में ‘शपथ पत्र’ कहा जाता है। इसे लिखने के लिए ऊपर बाईं या दाईं ओर कोर्ट या उद्देश्य का नाम लिखें, फिर अपनी व्यक्तिगत जानकारी और घोषणा वाले वाक्यों को क्रमानुसार लिखकर नोटरी से सत्यापित करवाएं। यह पूरी तरह कानूनी दस्तावेज माना जाता है।
शपथ पत्र बनाने के लिए क्या-क्या डॉक्यूमेंट चाहिए?
शपथ पत्र बनवाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत होती है:
शपथकर्ता का आधार कार्ड या पैन कार्ड (पहचान प्रमाण)
निवास प्रमाण पत्र (यदि पते से संबंधित हो)
शपथ पत्र के विषय से जुड़े प्रासंगिक दस्तावेज (जैसे नाम सुधार के लिए पुरानी मार्कशीट या गजट नोटिफिकेशन)
पासपोर्ट साइज फोटो
शपथ पत्र कितने प्रकार के होते हैं?
उपयोग के आधार पर शपथ पत्र कई प्रकार के होते हैं, जैसे:
नाम या जन्मतिथि में संशोधन के लिए शपथ पत्र
आय या संपत्ति का शपथ पत्र
शिक्षा या गैप ईयर (Gap Year) का शपथ पत्र
विवाह या अविवाहित होने का शपथ पत्र
पता परिवर्तन या किराएदारी का शपथ पत्र
नाम सुधार के लिए शपथ पत्र कैसे लिखें?
नाम सुधार के शपथ पत्र में लिखें कि “मेरा मूल नाम [पुराना नाम] है, लेकिन दस्तावेजों में गलती से [गलत नाम] दर्ज हो गया है, जबकि मेरा सही और वास्तविक नाम [सहीं नाम] है।” इसके बाद घोषणा करें कि दोनों नाम एक ही व्यक्ति (यानी मेरे) के हैं और भविष्य में इसी नाम का उपयोग किया जाएगा। इसे नोटरी से सत्यापित कराएं।
शपथ पत्र कितने का बनता है?
शपथ पत्र की कुल लागत इस बात पर निर्भर करती है कि आपको किस मूल्य का स्टांप पेपर चाहिए (सामान्यतः 10, 20, 50 या 100 रुपये का स्टांप पेपर उपयोग होता है)। इसके अलावा, टाइपिस्ट की फीस और नोटरी पब्लिक द्वारा लिया जाने वाला सत्यापन शुल्क (Notary Fee) मिलाकर कुल खर्च आमतौर पर 100 से 300 रुपये के बीच आता है।
LocalYojana.com की सलाह
- आवश्यकता अनुसार ही स्टाम्प चुनें: स्टाम्प पेपर खरीदने से पहले संबंधित विभाग या कॉलेज से यह अवश्य पूछ लें कि उन्हें कितने मूल्य का स्टाम्प (₹10, ₹50 या ₹100) चाहिए।
- ड्राफ्ट की प्रूफरीडिंग करें: प्रिंट निकालने और नोटरी की मुहर लगने से पहले ड्राफ्ट को दो बार ध्यान से पढ़ें ताकि टाइपिंग या वर्तनी की गलती न रहे।
- कॉपी सुरक्षित रखें: मूल शपथ पत्र जमा करने से पहले उसकी एक स्पष्ट फोटोकॉपी या स्कैन कॉपी अपने पास भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें।
निष्कर्ष
शपथ पत्र (Affidavit) किसी भी व्यक्ति द्वारा कानूनी रूप से तथ्यों की सत्यता की पुष्टि करने का एक आधिकारिक माध्यम है। चाहे नाम संशोधन हो, शैक्षणिक गैप हो या सरकारी सेवाओं का लाभ, सही स्टाम्प पेपर पर नियमपूर्वक तैयार और नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र आपके कार्य को निर्बाध और पारदर्शी बनाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
- सूचनात्मक उद्देश्य: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन और विधिक जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है।
- राज्य नियमों में भिन्नता: स्टाम्प शुल्क की दरें, ई-स्टाम्प की उपलब्धता और प्रारूप संबंधित राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन के नियमों के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।
- विधिक सलाह: किसी भी कानूनी विवाद, न्यायिक कार्यवाही या जटिल मामले में शपथ पत्र तैयार कराने से पूर्व अपने अधिवक्ता (Lawyer) या कानूनी सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। LocalYojana.com किसी भी प्रक्रियात्मक बदलाव या अस्वीकृति के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।
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